रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ हथियारों और मिसाइलों तक सीमित नहीं रह गया है। यूक्रेन ने दावा किया है कि रूसी एजेंट सैनिकों को फंसाने के लिए "हनी ट्रैप" जैसी रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में युवतियों के जरिए सैनिकों से दोस्ती की जाती है और फिर उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है।


क्या है यूक्रेन का दावा?

यूक्रेन की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि रूसी एजेंट सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के माध्यम से सैनिकों से संपर्क करते हैं। पहले दोस्ती और भरोसा बनाया जाता है, फिर मुलाकात के दौरान सैनिकों को जहर देने या उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।


सैनिकों को किया गया सतर्क

यूक्रेनी प्रशासन ने सेना के जवानों को चेतावनी दी है कि वे अनजान लोगों से मिलने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के दौरान दुश्मन कई तरह के गुप्त तरीकों का इस्तेमाल कर सकता है।


जांच में जुटीं एजेंसियां

यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रणनीति सैनिकों का मनोबल कमजोर करने और सैन्य जानकारी जुटाने के लिए अपनाई जा रही है।


युद्ध का नया मोर्चा

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि साइबर हमलों, जासूसी और मनोवैज्ञानिक रणनीतियों के जरिए भी दुश्मन को निशाना बनाया जाता है। ऐसे में सैनिकों और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।