पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा स्थित एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल से करोड़ों रुपये नकद, शराब की बोतलें और कंडोम मिलने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिस कमरे को बीमार बच्चों के आराम के लिए बनाया गया था, उसी 'सिक रूम' से कथित तौर पर ₹1.77 करोड़ नकद बरामद होने का दावा किया गया है। घटना के सामने आने के बाद शिक्षा संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रातभर चली तलाशी, देखकर चौंक गई पुलिस
बुधवार देर रात शुरू हुआ तलाशी अभियान गुरुवार सुबह तक चलता रहा। जांच के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्कूल परिसर के भीतर एक ऐसा कमरा मिला, जिसे कथित तौर पर बेडरूम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। कमरे में सोफा, ऐश ट्रे, शराब की खाली और भरी बोतलें समेत कई आपत्तिजनक सामान मिले। इसके अलावा कुछ दस्तावेज और कंप्यूटर भी जब्त किए गए हैं।
नगरपालिका चेयरमैन समेत 4 लोगों पर केस
स्कूल के कार्यकारी प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल की शिकायत के आधार पर कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन कमल अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में गौतम घोष दस्तीदार, अभिक कुमार नाग और सायन पाल के नाम भी शामिल हैं। शिकायत में स्कूल फंड में कथित गबन, धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
वॉल्ट खुला तो सामने आया करोड़ों का कैश
प्रिंसिपल के अनुसार स्कूल लगातार आर्थिक घाटे में चल रहा था। इसी बीच जब अकाउंट्स से जुड़े कर्मचारियों की मौजूदगी में वॉल्ट खोला गया तो वहां बड़ी मात्रा में नकदी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर कैश गिनने के लिए मशीनें मंगवाई गईं। घंटों चली गिनती के बाद करीब ₹1.77 करोड़ नकद बरामद होने की बात सामने आई।
'सिक रूम' में कंडोम मिलने पर उठे सवाल
मामले का सबसे विवादित पहलू स्कूल के 'सिक रूम' से कंडोम और शराब की बोतलों का मिलना रहा। प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह सामान वहां कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा कि बच्चों के उपचार और आराम के लिए बनाए गए कमरे का इस तरह इस्तेमाल होने की जानकारी मिलने से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
राजनीति भी गरमाई
घटना सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं विपक्ष ने बरामद नकदी के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।
हालांकि आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
पुलिस कर रही है पैसों के स्रोत की जांच
पुलिस का कहना है कि बरामद नकदी के स्रोत और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान मिले विरोधाभासी बयानों के बाद दो अकाउंटेंट्स को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
कई सवाल अभी भी बाकी
स्कूल में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी क्यों रखी गई थी? 'सिक रूम' में शराब और कंडोम कैसे पहुंचे? और क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा आर्थिक या राजनीतिक कनेक्शन है? इन सभी सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएंगे।
