
वोटर लिस्ट विवाद पर बयान देते हुए बागी सांसद यूसुफ पठान। Source: Chrome
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई का साथ देने वाले लोकसभा सांसद यूसुफ पठान ने वोटर लिस्ट से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सरकार से अहम मांग की है। उन्होंने जिला स्तर पर विशेष ट्रिब्यूनल बनाने और सत्यापन प्रक्रिया को आसान करने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
वोटर लिस्ट विवाद पर सरकार को लिखा पत्र
यूसुफ पठान ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाते हुए सरकार को पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की कि हर जिले में विशेष ट्रिब्यूनल कोर्ट बनाए जाएं ताकि प्रभावित लोग समय पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
'जिनके नाम हटे हैं, उन्हें मौका मिलना चाहिए'
मीडिया से बातचीत में पठान ने बताया कि उनकी हाल ही में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और जिन्होंने ट्रिब्यूनल का रुख किया है, उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया आम लोगों के लिए आसान बनाई जानी चाहिए।
हर जिले में ट्रिब्यूनल बनाने की मांग
यूसुफ पठान ने सुझाव दिया कि सभी जिलों में अलग-अलग ट्रिब्यूनल और हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं ताकि नागरिकों को दस्तावेज़ों की जांच और नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि इससे समयबद्ध तरीके से मामलों का निपटारा संभव होगा।
दल बदल के बाद फिर चर्चा में आए पठान
यूसुफ पठान उन सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई का दामन थामा था। बाद में एनसीपीआई ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया। हालांकि हाल के दिनों में यह चर्चा भी तेज रही कि कुछ बागी सांसद अपने पुराने राजनीतिक विकल्पों पर फिर विचार कर रहे हैं।
वापसी की अटकलों के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यूसुफ पठान समेत कुछ सांसदों की नाराजगी सामने आई है। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से केवल मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया है। दूसरी ओर, पार्टी के अन्य नेताओं का कहना है कि सांसदों ने अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया है और उसी सिलसिले में यह पहल की गई है।
