
ममता बनर्जी की पार्टी दो धरों में बंट गई है. पार्टी का फंड फ्रीज कर दिया गया है.
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खाते फ्रीज किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के खिलाफ पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की है। इससे पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने HDFC बैंक में मौजूद TMC के तीन खातों को फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग भी खारिज कर दी थी। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से आगे की कानूनी दिशा तय होगी। राजनीतिक रूप से भी इस मामले को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों में शामिल TMC और केंद्रीय जांच एजेंसी ED के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है।
हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने ED की कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पार्टी का कहना है कि उसके बैंक खातों को फ्रीज करने का फैसला गलत है। इससे पहले 20 जुलाई को कोलकाता हाई कोर्ट ने HDFC बैंक के तीन खातों को फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। साथ ही अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच को रोकने की मांग भी खारिज कर दी थी। अब TMC ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जून को हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के विधायक बिश्वनाथ दास ने बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अवैध गतिविधियों, प्रभाव के दुरुपयोग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल HDFC बैंक के तीन खातों के जरिए किया गया। शिकायत के आधार पर ED ने 23 जून को ECIR दर्ज की और 7 जुलाई को TMC के तीन खातों समेत कुल छह बैंक खातों को फ्रीज कर दिया।
ED ने लगाए करोड़ों रुपये के लेनदेन के आरोप
ED का आरोप है कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग के तहत TMC के एक बैंक खाते से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 133.84 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। एजेंसी इसी वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, TMC का कहना है कि ED की कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं है और इसे अदालत में चुनौती दी गई है। अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
