लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर मामला सामने आया है। आशियाना थाने में तैनात रहे सब-इंस्पेक्टर (SSI) धर्मवीर शाही पर बीएड की एक छात्रा ने शादी का झांसा देकर कथित यौन शोषण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। साथ ही आरोपी SSI को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच ACP कैंट को सौंपी गई है।
शादी का भरोसा देकर यौन शोषण का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने उसके एक पुराने मामले की विवेचना के दौरान उससे संपर्क बढ़ाया। छात्रा के अनुसार, विवेचना के बहाने आरोपी ने उससे बातचीत शुरू की और बाद में शादी का भरोसा देकर उसके साथ कई बार कथित रूप से यौन शोषण किया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे जीवनभर साथ निभाने, पत्नी का दर्जा देने और विवाह करने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे में वह उसके संपर्क में रही।
पहले से दर्ज था एक अन्य मामला
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने पहले बस्ती निवासी अभिषेक सिंह के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला जीरो एफआईआर के माध्यम से लखनऊ के आशियाना थाने पहुंचा था।
उसी मामले की विवेचना आरोपी SSI धर्मवीर शाही कर रहे थे। छात्रा का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उससे व्यक्तिगत संबंध बनाए।
जांच के बहाने बढ़ाया संपर्क
छात्रा के अनुसार, 21 फरवरी को आरोपी ने उसे थाने बुलाकर कहा कि उसके मामले की पूरी जांच वही करेंगे। इसके बाद आरोपी कथित रूप से लगातार फोन करने लगा और उससे अशोभनीय बातचीत करने लगा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने मामले की जांच का हवाला देते हुए दोबारा शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसने शादी का आश्वासन दिया।
मार्च से कई बार कथित यौन शोषण का आरोप
पीड़िता का दावा है कि शादी का भरोसा मिलने के बाद मार्च 2026 से लेकर अब तक आरोपी ने कई बार उसका कथित रूप से यौन शोषण किया।
छात्रा का कहना है कि वह आरोपी के आश्वासनों पर विश्वास करती रही, लेकिन बाद में उसे सच्चाई का पता चला।
वाराणसी यात्रा के दौरान हुआ खुलासा
शिकायत के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले छात्रा आरोपी के साथ वाराणसी गई थी। वहीं उसे जानकारी मिली कि धर्मवीर शाही पहले से शादीशुदा हैं।
इसके बाद छात्रा ने विवाह को लेकर सवाल उठाए और आरोपी पर शादी का वादा पूरा करने का दबाव बनाया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और वह लगातार टालमटोल करने लगा।
मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और कथित रूप से कहा कि उसे केवल मौज-मस्ती के लिए रखा गया था।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
थाने बुलाकर मारपीट करने का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई की रात आरोपी ने छात्रा को आशियाना थाने बुलाया। वहां आरोपी SSI ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
मोबाइल छीनकर सबूत मिटाने की आशंका
छात्रा ने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल इसलिए छीना गया ताकि उसमें मौजूद चैट, फोटो, वीडियो और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों को हटाया जा सके।
उसने अपनी शिकायत में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धमकी देने का भी आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने यह भी कहा कि उसकी पहुंच बड़े पुलिस अधिकारियों तक है और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
इन आरोपों को भी पुलिस जांच का हिस्सा बनाया गया है।
एफआईआर दर्ज, आरोपी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी SSI धर्मवीर शाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने पुष्टि की है कि पूरे मामले की जांच ACP कैंट को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और कानूनी निर्णय लिया जाएगा।
