erer | Source: ererबिहारशरीफ। बिहार के नालंदा जिले में मानव तस्करी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लहेरी थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती के कथित अपहरण और उसे 50 हजार रुपये में बेचने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, युवती को कथित तौर पर एक महिला ने बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया और बाद में उसे एक अधेड़ व्यक्ति के पास पहुंचा दिया गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने युवती से जबरन शादी की और उसे कमरे में बंद रखकर प्रताड़ित किया।

पुलिस ने युवती को बरामद कर लिया है। मामले में महिला दलाल समेत आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद कथित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

डॉक्टर के पास इलाज कराने आई थी युवती, बस स्टैंड से हो गई गायब

पुलिस के अनुसार, शेखपुरा जिले के बरबीघा की रहने वाली 18 वर्षीय युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। चार अगस्त को उसकी मां उसे इलाज के लिए रामचंद्रपुर मोहल्ले में एक डॉक्टर के पास लेकर आई थी। इलाज के सिलसिले में आने के दौरान रामचंद्रपुर बस स्टैंड से युवती अचानक लापता हो गई।

परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन युवती का पता नहीं चल सका। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान पुलिस को युवती के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर-सोहजना गांव में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे बरामद कर लिया।

50 हजार रुपये देकर युवती को खरीदने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, युवती को इस्लामपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर-सोहजना गांव निवासी दिलीप सिंह के पास पहुंचाया गया था। आरोप है कि युवती के बदले 50 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद दिलीप सिंह ने कथित तौर पर युवती से जबरन शादी कर ली।

युवती ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद उसे एक कमरे में बंद रखा जाता था। उसे बाहर जाने और दूसरे लोगों से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं थी। युवती के अनुसार, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।

किसी तरह बाहर निकली युवती, फिर परिवार तक पहुंची खबर

युवती ने कथित तौर पर किसी तरह उस स्थान से बाहर निकलकर अपने परिजनों से संपर्क किया और उन्हें अपनी स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग सोहजना गांव पहुंचे।

परिजनों ने युवती को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि दिलीप सिंह ने उसे सौंपने से इनकार कर दिया। उसने कथित तौर पर परिजनों से कहा कि उसने युवती को 50 हजार रुपये देकर खरीदा है। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई की और युवती को बरामद कर लिया। पुलिस ने दिलीप सिंह को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान कथित रूप से मानव तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई की।

महिला समेत कई लोगों पर गिरोह में शामिल होने का आरोप

पुलिस की जांच में इस मामले में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी झपसी सिंह की पत्नी उषा देवी, विरेन्द्र सिंह उर्फ बिल्लू और बाढ़ थाना क्षेत्र के दयालचक निवासी सुधीर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इन लोगों पर युवती को कथित तौर पर अगवा करने, उसे दूसरे स्थान पर ले जाने और उसकी शादी कराने में भूमिका निभाने का आरोप है। मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

बस स्टैंड से कथित तौर पर अगवा कर बाढ़ ले गए

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बस स्टैंड पर घूम रही युवती को उषा देवी ने कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की मदद से उसे बाढ़ ले जाया गया।

आरोप है कि बाद में युवती की शादी दिलीप सिंह से कराई गई। पुलिस के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में युवती की इच्छा और सहमति का पालन नहीं किया गया। मामले की जांच में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

50 हजार रुपये मिले तो तीन लोगों में हुआ बंटवारा

पुलिस के अनुसार, युवती को खरीदने के लिए दिए गए 50 हजार रुपये कथित तौर पर तीन लोगों के बीच बांटे गए थे। जांच में सामने आया कि सुधीर सिंह को 30 हजार रुपये जबकि उषा देवी और विरेन्द्र सिंह को 10-10 हजार रुपये मिले।

पुलिस के सामने रकम के इस कथित बंटवारे की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे युवती को कथित तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

युवती की आपबीती ने खड़े किए गंभीर सवाल

पुलिस द्वारा बरामद किए जाने के बाद युवती ने कथित तौर पर जो जानकारी दी, उससे मामले की गंभीरता सामने आई। उसने बताया कि जबरन शादी के बाद उसे कमरे में रखा जाता था और उसकी गतिविधियों पर रोक थी। विरोध करने पर मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि युवती को कथित तौर पर एक व्यक्ति के पास पैसे लेकर पहुंचाया गया और फिर उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी कराए जाने का आरोप है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

पुलिस को मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार महिला उषा देवी पर लंबे समय से ऐसे गिरोह के लिए काम करने का आरोप है। बताया गया है कि वह कथित तौर पर भोली-भाली, असहाय, घर से भागी हुई या अकेली भटक रही लड़कियों को निशाना बनाती थी।

पुलिस को आशंका है कि इस तरह के मामलों में कई लोग अलग-अलग स्तर पर काम कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में गिरोह के विस्तार और अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नालंदा में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले लहेरी थाना क्षेत्र में ही एक किशोरी के अपहरण के मामले में नूरसराय की एक महिला को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद जिले में मानव तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की चिंता और बढ़ गई है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिले में कुछ महिलाएं और अन्य लोग कथित तौर पर मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। इसी वजह से पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।

पुलिस ने अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किशोरियों और युवतियों को संदिग्ध लोगों के संपर्क में आने से बचाने के लिए परिवार के सदस्य सतर्क रहें। खासकर ऐसी लड़कियां जो अकेली हों, घर से बाहर हों या किसी परेशानी की स्थिति में हों, उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।

अभिभावकों से भी अपनी बच्चियों की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर सजग रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में समय रहते पुलिस को सूचना दी जा सके।

जांच से सामने आएगा पूरे मामले का सच

नालंदा के इस मामले में पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। युवती के कथित अपहरण से लेकर उसे 50 हजार रुपये में दिए जाने, जबरन शादी और कमरे में बंद रखने के आरोपों की जांच जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।