erer | Source: ererमुंबई। हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रदीप रावत का बुधवार को मुंबई में अंतिम संस्कार कर दिया गया। 'सरफरोश', 'लगान' और 'गजनी' जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से पहचान बनाने वाले अभिनेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान उनके बेटे विक्रमादित्य रावत बेहद भावुक दिखाई दिए और पिता को मुखाग्नि देते समय खुद को संभाल नहीं सके। इस मौके पर अभिनेता आमिर खान सहित फिल्म और टेलीविजन जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में पहुंचे कलाकार

प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार मुंबई के गोरेगांव स्थित बेस्ट कॉलोनी के पास किया गया। अंतिम विदाई के दौरान फिल्म उद्योग से जुड़े कई कलाकार और करीबी मित्र उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

इस दौरान अभिनेता आमिर खान, अभिनेता राज अर्जुन, बाल कलाकार सारा अर्जुन के पिता राज अर्जुन, अभिनेत्री रुहानिका धवन, वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र गुप्ता, अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा, रजा मुराद और फिल्ममेकर अशोक पंडित सहित कई हस्तियों ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पिता को अंतिम विदाई देते समय भावुक हुए विक्रमादित्य रावत

अंतिम संस्कार के दौरान प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य रावत बेहद भावुक दिखाई दिए। पिता को अंतिम विदाई देते समय उनकी आंखें नम थीं और वे भारी मन से अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी करते नजर आए।

मौके पर मौजूद लोगों ने भी दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

'क्रूर सिंह' के किरदार से मशहूर अखिलेंद्र मिश्रा भी पहुंचे

दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक 'चंद्रकांता' में 'क्रूर सिंह' की भूमिका निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा भी प्रदीप रावत को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

उनके अलावा कई वरिष्ठ कलाकारों ने दिवंगत अभिनेता के साथ बिताए अपने अनुभवों को याद करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सशक्त कलाकार बताया।

बेटे ने बताया कैसे चला ब्लड कैंसर का पता

मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य रावत ने पिता की बीमारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार को लगा था कि यह पेट के संक्रमण की सामान्य समस्या है, इसलिए दवाइयों से उपचार कराया गया।

उन्होंने कहा कि बाद में डॉक्टर की सलाह पर रक्त जांच कराई गई, जिसमें श्वेत रक्त कणिकाओं (White Blood Cell Count) की संख्या बहुत अधिक पाई गई। इसके बाद उन्हें तुरंत कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में पता चला कि उन्हें ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) है।

विक्रमादित्य ने बताया कि डॉक्टरों ने परिवार को जानकारी दी कि यह ब्लड कैंसर का अत्यंत दुर्लभ और आक्रामक प्रकार है। उन्होंने यह भी कहा कि करीब दो महीने पहले कराई गई जांच में ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई थी, लेकिन बाद में बीमारी तेजी से बढ़ी और परिवार के लिए यह बड़ा सदमा साबित हुई।

मैनेजर ने बताया- कैंसर दोबारा लौट आया था

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि अभिनेता को पहले भी कैंसर हुआ था और यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले लगभग एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था।

काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और मंगलवार को मुंबई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।

हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में बनाई अलग पहचान

प्रदीप रावत ने अपने लंबे फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

फिल्म 'गजनी' में निभाया गया उनका खलनायक का किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। वहीं 'सरफरोश', 'लगान' सहित कई फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में उनकी तुलना कई बार दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी जैसी प्रभावशाली स्क्रीन मौजूदगी वाले कलाकार से की जाती रही है।

अशोक पंडित ने जताया गहरा शोक

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदीप रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें अपना प्रिय मित्र, उत्कृष्ट अभिनेता और बेहतरीन इंसान बताते हुए कहा कि उनका निधन फिल्म उद्योग के लिए अपूरणीय क्षति है।

अशोक पंडित ने अपने संदेश में दिवंगत अभिनेता के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की और अंतिम दर्शन तथा अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की।