नई दिल्ली। बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर महीने में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। बैंक कर्मचारी यूनियनों ने पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच 4 सितंबर को हुई बैठक में प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद UFBU ने 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित नहीं करने का फैसला किया है।
11 सितंबर को किन बैंकों का काम प्रभावित हो सकता है?
प्रस्तावित बैंक हड़ताल का सबसे अधिक असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं के नियमित कामकाज पर पड़ने की संभावना है। 4 सितंबर को हुई बैठक में Bank of India (BOI), State Bank of India (SBI), Punjab National Bank (PNB), Union Bank, Indian Bank, Bank of Baroda, Central Bank और Canara Bank के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इन सरकारी बैंकों की शाखाओं में हड़ताल के कारण सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, संबंधित बैंकों की ओर से हड़ताल को लेकर अलग से कोई घोषणा या इसके संभावित प्रभाव की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए ग्राहकों को 11 सितंबर को शाखा में जाने से पहले अपने बैंक की ओर से जारी सूचना की जांच करने की सलाह दी जा सकती है।
निजी बैंकों की शाखाओं पर क्या होगा असर?
प्रस्तावित हड़ताल का मुख्य असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर रहने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर इस हड़ताल का सीधा असर नहीं होगा और वहां सामान्य तरीके से कामकाज जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी कुछ सेवाओं पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है, खासकर यदि किसी लेनदेन में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की भूमिका शामिल हो।
5 दिन बैंक खोलने की मांग पर क्यों अटका मामला?
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। यह मांग 8 मार्च 2024 को IBA और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते तथा संयुक्त नोट से जुड़ी है। प्रस्ताव के अनुसार दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा महीने के बाकी शनिवार को भी बैंक कर्मचारियों के लिए अवकाश दिए जाने की बात कही गई थी।
इस व्यवस्था के तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंक कर्मचारियों के दैनिक कामकाज के समय में लगभग 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य यह है कि सप्ताह में बैंक खुलने के दिनों की संख्या कम होने के बावजूद ग्राहकों के लिए बैंकिंग कारोबार के कुल घंटों में कमी न आए।
यूनियनों का आरोप, प्रस्ताव को अब तक नहीं मिली मंजूरी
बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन कार्य सप्ताह से जुड़ा प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजे काफी समय हो चुका है, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं। 4 सितंबर की बैठक में भी इस मुद्दे पर कोई निर्णायक सहमति नहीं बनने के बाद हड़ताल का कार्यक्रम जारी रखने का फैसला किया गया।
पीएलआई को लेकर भी है विवाद
बैंक यूनियनों और संबंधित पक्षों के बीच परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। UFBU का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रस्तावित PLI व्यवस्था कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव पैदा करती है। यूनियनों ने इस व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है।
UFBU के अनुसार, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित PLI 365 दिनों तक के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) के बराबर हो सकता है। वहीं, स्केल III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिन के PLI का प्रावधान बताया गया है। यूनियनों की मांग है कि फिलहाल इस व्यवस्था को रोका जाए और इस विषय पर यूनियनों के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद फैसला किया जाए।
11 सितंबर के बाद भी जारी रहेगा हड़ताल का सिलसिला?
UFBU के मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार बैंक कर्मचारियों का आंदोलन केवल 11 सितंबर तक सीमित नहीं है। संगठन ने आगे भी देशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। यदि इससे पहले बैंक यूनियनों, IBA और सरकार के बीच किसी तरह का समझौता नहीं होता है, तो आगे की हड़तालें भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो सकती हैं।
सितंबर में कब-कब प्रस्तावित है बैंक बंद रहने का कार्यक्रम?
UFBU के मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार 11 सितंबर 2026 को एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम है। इसके अलावा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है।
इसका मतलब है कि यदि बैंक यूनियनों और संबंधित पक्षों के बीच समय रहते कोई समझौता नहीं होता है, तो सितंबर और अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं के सामान्य संचालन पर कई चरणों में असर पड़ सकता है।
ग्राहकों के लिए डिजिटल बैंकिंग बनी रहेगी विकल्प
बैंक हड़ताल के दौरान शाखाओं में कर्मचारियों की मौजूदगी और नियमित कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की बात कही गई है। ऐसे में ग्राहकों के लिए ऑनलाइन बैंकिंग माध्यम महत्वपूर्ण विकल्प बने रहेंगे।
फिर भी जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें प्रस्तावित हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी बैंकिंग कार्य पहले निपटाने की जरूरत पड़ सकती है। खासकर नकद निकासी, चेक से जुड़े कार्य, दस्तावेज जमा करने या शाखा स्तर पर होने वाले अन्य कामों के लिए ग्राहक संबंधित बैंक से जानकारी ले सकते हैं।
4 सितंबर की बैठक के बाद नहीं बदला हड़ताल का फैसला
UFBU और IBA के बीच 4 सितंबर को हुई बैठक में पांच दिन कार्य सप्ताह, PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर कोई खास प्रगति नहीं हो सकी। इसके बाद UFBU ने स्पष्ट किया कि 11 सितंबर 2026 की देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल स्थगित करने का कोई आधार नहीं है। इसलिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है।
बैंक ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
11 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में संभावित व्यवधान को देखते हुए ग्राहकों को अपने जरूरी शाखा संबंधी काम पहले पूरा करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। हड़ताल से संबंधित अंतिम स्थिति के लिए अपने बैंक की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
