
मुंबई में शुरू हुआ SIR अभियान, BLO घर-घर जाकर करेंगे मतदाता सत्यापन Source : Social media
अगर आप मुंबई में रहते हैं और वोटर हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। चुनाव आयोग ने शहर में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान लाखों मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाएगी, ताकि चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पूरी तरह सही और अपडेट हो सके। ऐसे में हर मतदाता को यह जानना जरूरी है कि इस अभियान के दौरान उन्हें क्या करना होगा और घर पर आने वाले अधिकारियों को किस तरह सहयोग देना है।मुंबई में आज से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान अगले एक महीने तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। वे मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता और अन्य जानकारियों की जांच करेंगे। अगर किसी का नाम गलत दर्ज है, पता बदल गया है, कोई डुप्लीकेट एंट्री है या कोई नया पात्र मतदाता है, तो उसकी जानकारी भी इसी अभियान के दौरान अपडेट की जाएगी।
क्या है SIR अभियान?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और सही बनाना है। इस अभियान के दौरान अधिकारियों की टीम हर घर जाकर यह जांच करेगी कि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी सही है या नहीं। अगर किसी मतदाता का पता बदल गया है, किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, किसी का नाम दो बार दर्ज है या कोई नया पात्र मतदाता है, तो उसकी जानकारी को अपडेट किया जाएगा। इससे चुनाव के समय मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं रहेगी।
BLO घर-घर आएंगे, आपको क्या करना होगा?
अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO आपके घर पहुंचेंगे और मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का मिलान करेंगे। अगर आपकी सभी जानकारी सही है, तो सिर्फ उसकी पुष्टि करनी होगी। लेकिन यदि नाम, पता, उम्र या किसी अन्य जानकारी में बदलाव हुआ है, तो इसकी जानकारी BLO को देनी होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित फॉर्म भरकर ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से भी जमा किए जा सकते हैं।
अगर BLO के आने पर आप घर पर नहीं मिले तो?
अगर अधिकारी जब आपके घर पहुंचें और उस समय घर बंद मिले, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग के अनुसार BLO दोबारा भी घर आ सकते हैं। इसके अलावा वे एक सूचना पर्ची या संपर्क संबंधी जानकारी छोड़ सकते हैं, ताकि बाद में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
क्या सत्यापन के लिए दस्तावेज़ दिखाना जरूरी होगा?
चुनाव आयोग के मुताबिक, हर मतदाता को दस्तावेज़ देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, अगर किसी जानकारी में बदलाव करना है या नया नाम जोड़ना है, तो आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं। सामान्य सत्यापन के दौरान केवल जानकारी की पुष्टि भी पर्याप्त हो सकती है।
इस अभियान से किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
यह अभियान उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो पहली बार वोटर बनने वाले हैं, जिनका पता हाल ही में बदला है या जिनका नाम किसी कारण से मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया है। चुनाव आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे BLO के साथ सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सही और अपडेट हो सके।
