
लोकसभा में राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता का मुद्दा उठाते कांग्रेस सांसद KC वेणुगोपाल।Source : Chrome
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब संसद में उठाया गया है। कांग्रेस सांसद और AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की निगरानी में जांच कराने की बात कही है।
चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच की मांग
केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि राम मंदिर में देश और विदेश से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान और कीमती आभूषणों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले में वित्तीय अनियमितता, चोरी और कथित गबन के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।कांग्रेस सांसद के मुताबिक, जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना, श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना होना चाहिए।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट में कथित संगठित गड़बड़ी का आरोप
वेणुगोपाल ने अपने पत्र में हालिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर कथित तौर पर संगठित तरीके से गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि करीब सात से आठ महीने की CCTV फुटेज नष्ट किए जाने की बात सामने आई है।उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी ने 2020-21 में ही वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। इन घटनाओं को उन्होंने मामले में बड़े स्तर पर संभावित मिलीभगत की आशंका से जोड़ते हुए जांच की जरूरत बताई।
SIT और FIR को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
वेणुगोपाल ने इस मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित SIT और दर्ज FIR पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक, 13 जून को SIT बनाई गई और 25 जून को FIR दर्ज हुई, लेकिन जांच का दायरा मुख्य रूप से आउटसोर्स कर्मचारियों तक सीमित दिखाई देता है।कांग्रेस सांसद ने मांग की कि अगर करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है तो जांच में प्रभावशाली लोगों की भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग
वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार से इस मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की निगरानी में जांच होने से मामले की निष्पक्षता बनी रहेगी और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा
सकेगी।उन्होंने लोकसभा में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग भी रखी है।
परिसीमन और FCRA बिल को लेकर भी सरकार पर निशाना
राम मंदिर के चढ़ावे के मुद्दे के साथ केसी वेणुगोपाल ने परिसीमन और FCRA बिल को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि सरकार इन विधेयकों को संसद में ला सकती है।उन्होंने कहा कि विपक्ष की प्राथमिक मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर संसद में बयान दें वेणुगोपाल के अनुसार, इसके बाद ही विपक्ष सरकार के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा में सहयोग करेगा।
परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की मांग
कांग्रेस नेता ने परिसीमन के मुद्दे पर सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी राजनीतिक दलों की राय ली जानी चाहिए और व्यापक चर्चा के बाद ही आगे बढ़ा जाना चाहिए।वहीं, FCRA विधेयक को लेकर वेणुगोपाल ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी इसे संसद से पारित नहीं होने देगी। उन्होंने इस प्रस्तावित विधेयक को संविधान के खिलाफ बताया।
