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अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के दौरान अब इस मुद्दे पर सियासी विवाद और भी तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराज़गी जताई। अखिलेश यादव ने पोस्ट को बनावटी बताते हुए निशिकांत दुबे को 10 मिनट के अंदर उसे हटाने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 10 मिनट में पोस्ट डिलीट नहीं की गई, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दरअसल, पूरे मामले के बीच में रामशंकर उर्फ टीनू यादव है, जिस पर अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले का आरोपी होने का बताया जा रहा है।

10 मिनट में पोस्ट हटाइए, नहीं तो होगी एफआईआर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ नाराजगी जताई । उन्होंने कहा कि संसद में जितने अधिकार सत्ता पक्ष के सांसदों को मिलते हैं, उतने ही अधिकार विपक्ष के सांसदों को भी हैं। अखिलेश ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रभु राम की मर्यादा, सामाजिक शालीनता और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए वह निशिकांत दुबे को 10 मिनट का वक़्त दे रहे हैं है ताकि वह अपनी बनावटी पोस्ट डिलेट करें। उन्होंने साफ साफ कहा कि अगर तय समय के भीतर पोस्ट डिलीट नहीं हुई, तो उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जायेगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अखिलेश यादव ने सिर्फ निशिकांत दुबे ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों को भी चेतावनी दी, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह के आरोपों वाले पोस्ट शेयर किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग तुरंत अपनी पोस्ट हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग लें, नहीं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुश्किल वक्त आने पर भाजपा के नेता किसी का साथ नहीं देते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे, तब बचाने के लिए कोई आगे नहीं आएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि भाजपा और उसके समर्थक जानबूझकर गलत बातें फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि दान चोरी करने वाले असली लोग जनता के गुस्से से बचने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं और अब विपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे का जवाब और कौन है टीनू यादव?

अखिलेश यादव की चेतावनी के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी सोशल मीडिया पर जवाब दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट दोबारा शेयर करते हुए लिखा, "जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? मैंने सिर्फ एक सवाल पूछा है। 1990 में राम भक्तों पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा।" बता दें कि यह पूरा विवाद रामशंकर उर्फ टीनू यादव को लेकर शुरू हुआ है, जिसे अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। टीनू यादव पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था और बाद में मंदिर प्रशासन से जुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, उसे दान गिनने वाले कमरे की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच मिली हुई थी, जिसका कथित तौर पर दान की रकम में हेराफेरी करने के लिए इस्तेमाल किया गया।