Tउत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) शुरू किया है। इस मिशन के तहत भारतीय सेना की विशेष मेडिकल टीम और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना की गई है। भारत का उद्देश्य भूकंप प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और राहत कार्यों में वेनेजुएला सरकार की मदद करना है। इस कदम को वैश्विक मानवीय सहयोग और आपदा राहत के क्षेत्र में भारत की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


41 सदस्यीय मेडिकल टीम पहुंचाएगी राहत

भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय मेडिकल दल भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए वेनेजुएला रवाना हुआ है। इस दल में नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। टीम प्रभावित इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, ट्रॉमा केयर, सर्जरी और गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज करेगी।


'भीष्म क्यूब' से मिलेगी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा

भारतीय सेना अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा उपकरण और राहत सामग्री भी लेकर गई है। इसमें आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित अत्याधुनिक 'भीष्म क्यूब' भी शामिल है। यह एक मॉड्यूलर और तेजी से स्थापित किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है, जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एडवांस ट्रॉमा केयर, इमरजेंसी सर्जरी और गहन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है। एक भीष्म क्यूब लगभग 200 मरीजों को जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा प्रदान कर सकता है।


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विदेश मंत्री ने दी अभियान की जानकारी

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और दो भीष्म क्यूब लेकर वेनेजुएला रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।


'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना का उदाहरण

ऑपरेशन अमिस्ताद केवल राहत सामग्री भेजने का अभियान नहीं, बल्कि भारत की मानवीय विदेश नीति और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना का भी प्रतीक है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मित्र देशों की सहायता करने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह मिशन वैश्विक मानवता, सहयोग और करुणा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीय और जिम्मेदार मानवीय शक्ति की छवि को और मजबूत करेगा।