
Source: Dainik Tribune
नूंह (हरियाणा): सोशल मीडिया पर कुछ लाइक्स और व्यूज पाने की चाहत अब कई बार लोगों को कानून और सामाजिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघने पर मजबूर कर रही है। हरियाणा के नूंह जिले से सामने आया एक ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां ऐतिहासिक गांव घासेड़ा में कुछ युवकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़कर रील बनाई और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और मामले ने तूल पकड़ लिया। अब पुलिस ने भी इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
रील बनाने के लिए भूल गए सम्मान की मर्यादा
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दो युवक गांधी पार्क में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के कंधों पर चढ़े हुए हैं। दोनों कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए फोटो और वीडियो बनवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से बनाया गया था। हालांकि वीडियो सामने आते ही लोगों ने इसे राष्ट्रपिता के सम्मान के खिलाफ बताया और कड़ी नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महात्मा गांधी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि देश की आत्मा और मूल्यों के प्रतीक हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
वायरल वीडियो पर पुलिस का सख्त एक्शन
मामले के तूल पकड़ने के बाद नूंह पुलिस ने आधिकारिक तौर पर संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि सार्वजनिक स्थलों और राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान शुरू कर दी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतिमा का अपमान नहीं, बल्कि उन आदर्शों और मूल्यों का भी अनादर है, जिनके लिए महात्मा गांधी पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
क्यों खास है घासेड़ा गांव?
घासेड़ा गांव का नाम देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसे गांधीग्राम के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान महात्मा गांधी यहां पहुंचे थे और मेव समुदाय के लोगों से भारत में ही रहने की अपील की थी। गांधी जी के उस ऐतिहासिक दौरे की याद में यहां उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी।
यही वजह है कि इस स्थान को केवल एक पार्क या स्मारक नहीं, बल्कि गांधीवादी विचारों की विरासत माना जाता है। ऐसे स्थान पर हुई इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों को भी आहत किया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करती है।
