erer | Source: rerइंटरनेशनल डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने के लिए लोग जिम की सदस्यता, प्रोटीन सप्लीमेंट, विशेष डाइट प्लान और पर्सनल ट्रेनर पर बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं। इसके बावजूद मोटापा, तनाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच जापान में रहने वाली एक भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि जापान के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग बिना जिम, बिना महंगे सप्लीमेंट और बिना किसी विशेष डाइटिंग के भी स्वस्थ, चुस्त और लंबे समय तक सक्रिय जीवन जीते हैं। उनकी दिनचर्या और खानपान की आदतें ही उनकी बेहतर सेहत का आधार मानी जाती हैं।

शाम होते ही थम जाती है दिनभर की भागदौड़

महिला के अनुसार, वीडियो शाम करीब सात बजे रिकॉर्ड किया गया था। उस समय पूरे गांव में शांति का माहौल था और अधिकांश लोग अपने-अपने घरों में पहुंच चुके थे। जापान के ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक जागने की आदत सामान्य नहीं मानी जाती। लोग समय पर रात का भोजन कर जल्दी सो जाते हैं और सूर्योदय के साथ अपनी नई दिनचर्या की शुरुआत करते हैं। नियमित समय पर सोना और जागना वहां की जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

अलग से जिम नहीं, रोजमर्रा का काम ही बन जाता है व्यायाम

वीडियो में महिला बताती हैं कि गांवों में रहने वाले अधिकांश लोग खेती, बागवानी, मछली पालन और अन्य शारीरिक कार्यों से जुड़े रहते हैं। दिनभर सक्रिय रहने के कारण उन्हें अलग से व्यायाम या जिम जाने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। उनकी दैनिक गतिविधियां ही शरीर को पर्याप्त शारीरिक श्रम उपलब्ध कराती हैं। लगातार सक्रिय रहने से शरीर की कार्यक्षमता बनी रहती है और फिटनेस स्वाभाविक रूप से जीवन का हिस्सा बन जाती है।

भरपूर नींद से मिलता है स्वस्थ जीवन का आधार

महिला का कहना है कि जापान के ग्रामीण इलाकों में लोग पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद को बेहद महत्व देते हैं। अच्छी नींद शरीर को आराम देने के साथ तनाव कम करने, मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक मानी जाती है। यही कारण है कि वहां कई बुजुर्ग 80 वर्ष या उससे अधिक आयु में भी सक्रिय रहते हैं और अपने अधिकांश दैनिक कार्य स्वयं करते हैं।

सादा भोजन, लेकिन पोषण से भरपूर

महिला के मुताबिक, गांवों के लोग ताजा और घर में तैयार भोजन को प्राथमिकता देते हैं। उनके भोजन में मौसमी सब्जियां, मछली, चावल, सूप और पारंपरिक जापानी व्यंजन प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। भोजन संतुलित मात्रा में किया जाता है और अत्यधिक तला-भुना या जंक फूड खाने से बचा जाता है। यही संतुलित खानपान लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्क्रीन से दूरी, परिवार के साथ समय को प्राथमिकता

जहां दुनिया के कई हिस्सों में लोग देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप और टेलीविजन की स्क्रीन पर समय बिताते हैं, वहीं जापान के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के बाद परिवार के साथ समय बिताने की परंपरा आज भी कायम है। शांत वातावरण, सीमित डिजिटल उपयोग और तनावमुक्त जीवनशैली मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक मानी जाती है। इससे लोगों में मानसिक संतुलन बना रहता है और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी बताते हैं यही सबसे बड़ा मंत्र

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सोना, सुबह जल्दी उठना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना तथा तनाव को नियंत्रित रखना अच्छे स्वास्थ्य की मजबूत नींव है। जापान के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग इन आदतों को वर्षों से अपनी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाए हुए हैं। यही कारण है कि बिना महंगे फिटनेस साधनों के भी वे लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में सफल रहते हैं।