राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बोलते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे। | Source: Chrome

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बोलते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे।Source : Chrome

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक, छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।

पेपर लीक पर सरकार को घेरा

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वर्षों से पेपर लीक की घटनाओं का खामियाजा मेहनत करने वाले छात्रों को भुगतना पड़ा, जबकि जिम्मेदार लोग बचते रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े मामलों के बावजूद सरकार समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा सकी।

'सिर्फ कानून बदलने से नहीं बदलेगी व्यवस्था'

खरगे ने कहा कि नए विधेयक में कुछ प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं, लेकिन इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, आवश्यकता ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करने की है जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना ही खत्म हो जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सरकार को सुधार करने ही थे तो 2024 में ऐसा क्यों नहीं किया गया।

राहुल गांधी और छात्र आंदोलन का किया जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनका आरोप था कि सरकार ने लंबे समय तक छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और बाद में बढ़ते विरोध के दबाव में कानून में संशोधन का रास्ता अपनाया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी साधा निशाना

खरगे ने कहा कि छात्र संगठनों के आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए यह फैसला लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय रहते छात्रों से संवाद किया जाता तो हालात इतने तनावपूर्ण नहीं बनते।

अमित शाह की चुप्पी पर उठाए सवाल

अपने भाषण में खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि पेपर लीक और छात्र आंदोलन जैसे गंभीर मुद्दे पर उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गृह मंत्री अन्य विषयों पर तो बोलते हैं, लेकिन इस मामले में उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

पुलिस कार्रवाई पर मांगा जवाब

खरगे ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और कई छात्र घायल हुए। उन्होंने सरकार से पूछा कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य कार्रवाई के आदेश किस स्तर से दिए गए थे। साथ ही उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए और छात्रों के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।