Tराजस्थान में फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर बनने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने तीन और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर 20 से 25 लाख रुपये देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट हासिल किए, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी पूरी कर ली। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 28 हो गई है।


कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद अपनाया फर्जीवाड़े का रास्ता

SOG के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवदीप तम्बोलिया, चिराग साहू और आफरीदी खान के रूप में हुई है। तीनों विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी कर भारत लौटे थे, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद अनिवार्य FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर सके। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कथित दलालों के माध्यम से 23.5 से 25 लाख रुपये देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए और उसी के आधार पर मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हासिल कर लिया।


फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पूरी की इंटर्नशिप

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा, पैसिफिक मेडिकल कॉलेज उदयपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप भी पूरी की। इससे मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और पंजीकरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


20 से 30 लाख रुपये में चलता था पूरा नेटवर्क

SOG के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य आरोपी भानाराम माली अपने सहयोगियों शुभम गुर्जर और इन्द्रराज गुर्जर के साथ मिलकर विदेश से लौटे मेडिकल ग्रेजुएट्स को फर्जी FMGE सर्टिफिकेट उपलब्ध कराता था। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराने की पूरी व्यवस्था भी की जाती थी। इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति से 20 से 30 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।


जांच जारी, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद 4 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। SOG अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, अब तक कितने फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए और इस पूरे फर्जीवाड़े से किन लोगों को फायदा पहुंचा।

इस मामले में इससे पहले 17 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, UDC अखिलेश माथुर, LDC फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक कथित दलाल समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।