CM सम्राट चौधरी और मंत्री निशांत कुमार। फोटो जागरणCM सम्राट चौधरी और मंत्री निशांत कुमार। फोटो जागरण

बिहार के जमुई में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई बड़े ऐलान किए। इस दौरान उन्होंने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के कामकाज की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में बिहार का स्वास्थ्य विभाग बेहतरीन काम कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं को पहुंचाने के लिए सराहनीय कदम उठाए जा रहे हैं। झाझा में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य की चिकित्सा प्रणाली को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त और जवाबदेह बनाने का मजबूत संकल्प दोहराया।

मरीजों को बेवजह रेफर करने की मनमानी पर लगेगी रोक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में सरकारी डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब अनुमंडल या जिला अस्पतालों से मरीजों को बिना किसी बड़ी या गंभीर समस्या के रेफर नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मरीजों को बड़े अस्पतालों में भेज देते हैं, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। सरकार अब इस ढर्रे को बदलने जा रही है और यदि कोई भी डॉक्टर बिना किसी ठोस वजह के मरीज को रेफर करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला स्तर के अस्पतालों में ही होंगे 36 तरह के ऑपरेशन

राज्य के नागरिकों को उनके ही जिले में बेहतर इलाज देने के लिए सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव कर रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार के सभी 101 अनुमंडल अस्पतालों और 38 जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब जिला स्तर के अस्पतालों में ही मरीजों के लिए 36 अलग-अलग तरह के ऑपरेशनों की सुविधा शुरू की जाएगी। इस कदम से स्थानीय लोगों को छोटी या मध्यम स्तर की सर्जरियों के लिए बड़े शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा और समय रहते उन्हें अपने गृह जिले में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

कार्यक्रम में जुटे दिग्गजों ने दिया स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास का भरोसा

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ सरकार के कई अन्य प्रमुख चेहरे भी शामिल हुए। मंच पर परिवहन मंत्री और झाझा के विधायक दामोदर रावत, उद्योग व खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह जैसी प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि बिहार सरकार का मुख्य लक्ष्य हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे इस माइक्रो-मैनेजमेंट और नए कड़े नियमों से आने वाले दिनों में बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह से बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।