भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा। | Source: Social media

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा।Source : Social media

भारत की सबसे सफल टेबल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल मनिका बत्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में उनका चयन न होना है। टीम की घोषणा के बाद खेल जगत में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि मनिका लंबे समय से भारतीय टेबल टेनिस की प्रमुख खिलाड़ी रही हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।टीम में जगह नहीं मिलने के बाद मनिका ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर किस आधार पर उन्हें मुख्य टीम से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी होने के नाते उन्हें चयन से जुड़े कारण जानने का अधिकार है। मनिका ने यह भी कहा कि यदि उन्हें इस मामले में संतोषजनक और पारदर्शी जवाब नहीं मिलता है, तो वह कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकती हैं। उनके इस बयान के बाद खेल जगत में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

चयन प्रक्रिया पर मनिका ने उठाए सवाल

एशियन गेम्स 2026 की भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद मनिका बत्रा ने चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि टीम से बाहर किए जाने का फैसला उनके लिए हैरान करने वाला है, क्योंकि उन्हें इसके पीछे की वजह के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। मनिका का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों को यह समझ आ सके कि उनका चयन क्यों हुआ या क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार अपनाए गए मानदंड पहले की चयन प्रक्रियाओं से अलग दिखाई देते हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

जवाब नहीं मिला तो कानूनी विकल्पों पर करूंगी विचार

मनिका बत्रा ने कहा कि वह सबसे पहले इस मामले में संबंधित अधिकारियों और फेडरेशन से स्पष्ट जवाब चाहती हैं। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को चयन से जुड़े फैसलों की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें संतोषजनक और पारदर्शी जवाब नहीं मिला, तो वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है।

TTFI ने चयन को बताया पूरी तरह नियमों के अनुरूप

मनिका बत्रा की नाराजगी के बीच टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी TTFI ने अपने फैसले का बचाव किया है। फेडरेशन का कहना है कि एशियन गेम्स 2026 के लिए खिलाड़ियों का चयन पहले से तय मानदंडों और प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अंक तय किए गए थे। TTFI के मुताबिक, चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है। फेडरेशन का यह भी कहना है कि मनिका मुख्य टीम के चयन के लिए निर्धारित अंकों तक नहीं पहुंच सकीं और बहुत कम अंतर से टीम में जगह बनाने से चूक गईं।

मुख्य टीम नहीं, रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में मिली जगह

हालांकि मनिका बत्रा को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया है। फेडरेशन ने उन्हें एशियन गेम्स के लिए रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है। 31 वर्षीय मनिका भारतीय महिला टेबल टेनिस की सबसे अनुभवी और सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीते हैं और लंबे समय से भारतीय टीम का अहम हिस्सा रही हैं। ऐसे में मुख्य टीम में उनका नाम नहीं होना कई खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए भी हैरानी का विषय बना हुआ है। यही वजह है कि चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब खेल जगत में चर्चा का केंद्र बन गए हैं।

खेल जगत में बढ़ी चर्चा

मनिका बत्रा की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद सोशल मीडिया और खेल जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कई खेल प्रेमी और प्रशंसक चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग फेडरेशन के फैसले को नियमों के अनुरूप बता रहे हैं। वहीं कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम चयन की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों के मन में किसी तरह की असमंजस या नाराजगी की स्थिति न बने। मनिका जैसे अनुभवी खिलाड़ी के चयन से बाहर रहने के बाद यह मामला अब खेल जगत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।