erere | Source: ereरांची। झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और इसी बीच राज्य में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रांची में छात्र विधानसभा घेराव को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं।

सीआईडी की कार्रवाई से बढ़ी हलचल

जेपीएससी से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। सीआईडी की ओर से इस प्रकरण में यह 20वीं गिरफ्तारी है। इससे पहले जांच एजेंसी डिप्टी परीक्षा नियंत्रक समेत 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराना भी शामिल है।

22 जुलाई को दिया था जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा

एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी जांच एजेंसी की ओर से उनसे पूछताछ जारी रही। जानकारी के अनुसार, सीआईडी ने 28 जुलाई से एल. खियांग्ते से कई बार पूछताछ की थी।

लगातार पूछताछ के बाद अब सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद जेपीएससी से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में जांच और तेज होने की संभावना है।

जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने भी दिया इस्तीफा

एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी से एक दिन पहले रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग के तीनों सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इनमें अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद शामिल हैं।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इन तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी। जेपीएससी से जुड़े मामले में पूर्व अध्यक्ष के बाद तीनों सदस्यों के इस्तीफे से भी पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

तीनों पूर्व सदस्यों को सीआईडी ने किया था तलब

कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने जेपीएससी के तीनों पूर्व सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को पूछताछ के लिए तलब किया था।

सीआईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी और तीनों पूर्व सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद जेपीएससी की परीक्षाओं से संबंधित आरोपों की जांच महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।

छात्रों का विधानसभा घेराव, सीबीआई जांच की मांग

रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र विधानसभा घेराव के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

छात्रों के विरोध के बीच पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी से मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की मांग कर रहे हैं।

मामले में ईडी की भी हुई एंट्री

जेपीएससी से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो चुकी है। ईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऐसे में प्रकरण की जांच अब सीआईडी के साथ-साथ ईडी के स्तर पर भी आगे बढ़ रही है।

सीआईडी की ओर से की जा रही गिरफ्तारियों और पूछताछ के बीच ईडी द्वारा जांच शुरू किए जाने से मामले का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और जांच के विभिन्न पहलुओं पर एजेंसियों की कार्रवाई अभी जारी है।

20 गिरफ्तारियों तक पहुंचा मामला

सीआईडी द्वारा एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 हो गई है। इससे पहले डिप्टी परीक्षा नियंत्रक समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व अध्यक्ष से 28 जुलाई से कई बार पूछताछ किए जाने के बाद हुई गिरफ्तारी को जांच की अगली महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

मामले में अब जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों से जुड़ी जांच के साथ-साथ कथित पेपर लीक तथा दूसरी अनियमितताओं के आरोप भी जांच के केंद्र में हैं। सीआईडी द्वारा पूर्व सदस्यों को पूछताछ के लिए तलब किया जाना भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

इस्तीफों और गिरफ्तारी के बीच बढ़ी निगाहें

जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के 22 जुलाई को इस्तीफे, इसके बाद तीनों सदस्यों के इस्तीफे और अब पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र संगठन कथित परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।

प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच सीआईडी की कार्रवाई सामने आने के बाद आने वाले समय में जांच की दिशा पर सभी की निगाहें रहेंगी। फिलहाल सीआईडी इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और ईडी ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है।