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महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के पेपर लीक मामले में अब बिहार का कनेक्शन सामने आने के बाद जांच और तेज हो गई है। महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई राज्यों में फैला एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है। इसी वजह से पुलिस बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आगरा समेत कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को समझने और इसके मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि मामले में अभी और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

गुप्त सूचना के बाद हुआ पूरे मामले का खुलासा

भिवंडी पुलिस को 27 जून को गुप्त सूचना मिली थी कि TET-2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम बनाई और पूरे मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी। सही समय पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो पेपर परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों तक पहुंच सकता था। इसी कार्रवाई के बाद पूरे पेपर लीक रैकेट का खुलासा हुआ।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और प्रश्नपत्र भी बरामद

पुलिस ने इस मामले में राजीव साव, आकाश कुमार उर्फ सूरज सिंह और धीरज सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कई मोबाइल फोन, नकदी और TET-2026 के प्रश्नपत्र के चार सेट बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में दो लोग बिहार के पटना से जुड़े हैं, जबकि तीसरा आरोपी हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। पुलिस अब इनके मोबाइल फोन और दूसरे दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे और पेपर किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी, पत्नी भी पुलिस की गिरफ्त में

पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने विजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम आया, जिसे इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की टीम बिहार के समस्तीपुर समेत कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इसी बीच पुलिस ने पटना से विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उससे पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था, इसमें कितने लोग शामिल थे और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक किस तरह पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।