CID पूछताछ में आरोपी के कथित खुलासे से कई परीक्षाओं पर उठे सवाल; प्रीलिम्स से फाइनल सेलेक्शन और इंटरव्यू तक रकम लेने का दावा, एजेंसी ने अभी नहीं की पुष्टि
JPSC Paper leak Scam: परीक्षा पास कराने से इंटरव्यू तक ‘रेट’ फिक्स? आरोपी अभय तिवारी के दावों से मचा हड़कंपSource : Abp news.com
राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच CID कर रही है। इस मामले में आरोपी अभय तिवारी को हिरासत में लेकर CID पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी और पैसे के लेनदेन को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभय तिवारी ने रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में दावा किया कि परीक्षा पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। उसने इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए भी पैसे लिए जाने का दावा किया। इसके अलावा JPSC की 11वीं और 13वीं परीक्षा समेत CDPO परीक्षा में भी कथित लेनदेन की जानकारी देने की बात सामने आई है।
हर परीक्षा के लिए कथित तौर पर तय थी रकम
अभय तिवारी ने पूछताछ में दावा किया कि प्रीलिम्स पास कराने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से 6-7 लाख रुपये तक लिए जाते थे। वहीं SC और ST अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 3-4 लाख रुपये वसूले जाते थे।
आरोपी के दावे के मुताबिक, इसके बाद फाइनल सेलेक्शन के लिए 50 से 55 लाख रुपये तक का कथित रेट तय था। उसने यह भी दावा किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के इंटरव्यू में करीब आधा दर्जन अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया और इसके बदले प्रति उम्मीदवार 12-13 लाख रुपये तक लिए गए।
CDPO परीक्षा के लिए भी कथित रेट का दावा
CID की पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, बाल विकास परियोजना अधिकारी यानी CDPO परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये का कथित रेट तय होने का दावा किया गया है।
आरोपी ने JPSC में कथित धांधली को लेकर अधिकारियों से लेकर सदस्यों, कोचिंग संस्थानों और TDPL से जुड़े लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। अभय तिवारी ने पूछताछ में JPSC से जुड़े कथित सिंडिकेट की जानकारी देने और JPSC 11वीं व 13वीं परीक्षा में कथित लेनदेन की बात स्वीकार करने का भी दावा किया है।
CID ने अभी दावों की पुष्टि नहीं की
हालांकि, इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CID ने अभय तिवारी के इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूछताछ में सामने आए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर CID कथित नामों और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर सकती है। फिलहाल अभय तिवारी CID रिमांड पर है और मामले की जांच जारी है।
13 साल में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का आरोप
परीक्षा का संचालन कराने वाली कंपनी TDPL के तत्कालीन मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी पर JPSC घोटाले में मुख्य आरोपी होने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस पर आरोप है कि उसने धोखाधड़ी के जरिए 13 साल में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं।
सरकारी नौकरी में जाने से पहले अभय तिवारी TDPL में काम करता था। बाद में वह झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट प्रखंड में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात रहा। CID ने उसे 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
JPSC 11वीं और 13वीं परीक्षा पर भी उठे सवाल
राज्य सरकार 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करने को तैयार है। लेकिन अभय तिवारी से पूछताछ में सामने आए कथित दावों के बाद अब JPSC की 11वीं और 13वीं परीक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल CID पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी के दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पूछताछ में सामने आए कथित रेट और लेनदेन के दावों के पीछे कितनी सच्चाई है और जांच आगे बढ़ने पर किन लोगों के नाम सामने आते हैं।
