
JPSC-JSSC आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो का बयान।Source : Chrome
रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। इसी बीच झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सोमवार को एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया है। वार्ता से पहले अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने साफ कर दिया है कि सरकार को छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बातचीत से पहले देवेंद्र महतो ने रखी बात
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत में छात्रों को संतुष्ट करने वाला समाधान निकलना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था तैयार होनी चाहिए, जिसमें भविष्य में छात्रों को पेपर लीक, परीक्षा में धांधली या पैरवी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी को न्याय मिल सकेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार छात्रों की उम्मीदों के मुताबिक फैसला नहीं लेती है तो संघर्ष जारी रहेगा।
24 दिन से धरने पर छात्र
JPSC-JSSC परीक्षा प्रक्रिया में सुधार समेत कई मांगों को लेकर छात्र पिछले 24 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान के मुताबिक, आंदोलन में शामिल चार छात्र भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से दो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रवींद्र पासवान ने कहा कि इतने लंबे समय से प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। हालांकि, सोमवार को अधिकारियों की ओर से बातचीत का संदेश मिलने के बाद छात्र वार्ता के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी की मांग
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत जरूर होगी, लेकिन छात्रों की मांग है कि वार्ता में मुख्यमंत्री भी मौजूद रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।छात्रों का कहना है कि बातचीत का उद्देश्य केवल आश्वासन देना नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेना होना चाहिए।
तिरंगा यात्रा भी निकाल चुके हैं छात्र
आंदोलन के दौरान छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा भी निकाली थी। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और समर्थकों ने इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे नारे भी लगाए गए।देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी।
अब वार्ता पर टिकी नजर
छात्रों और सरकार के बीच सोमवार को होने वाली बातचीत को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक तरफ सरकार छात्रों को वार्ता के लिए बुला रही है, वहीं प्रदर्शनकारी सीबीआई जांच, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।अब देखना होगा कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहता है।
