
लिपस्टिक खरीदने से पहले इंग्रीडिएंट्स जरूर जांचें।
लिपस्टिक महिलाओं द्वारा सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में से एक है। हालांकि, बहुत कम लोगों को पता होता है कि खाने, चाटने या दिन भर के नॉर्मल कामों के दौरान थोड़ी सी लिपस्टिक अनजाने में शरीर में जा सकती है। साइंटिफिक स्टडीज़ से पता चला है कि खराब क्वालिटी वाले कॉस्मेटिक्स का लंबे समय तक इस्तेमाल स्किन और हेल्थ दोनों पर असर डाल सकता है। इसलिए, लिपस्टिक खरीदते समय सिर्फ़ शेड या ब्रांड ही नहीं, बल्कि लिपस्टिक के इंग्रीडिएंट्स और क्वालिटी पर भी ध्यान देना समझदारी है।
डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि होंठों की स्किन शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में पतली और ज़्यादा सेंसिटिव होती है। क्योंकि उनमें नैचुरल ऑयल बनाने वाली ग्लैंड्स नहीं होती हैं, इसलिए वहां लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स सीधे स्किन पर असर डाल सकते हैं। इसलिए, एक सेफ और सर्टिफाइड प्रोडक्ट चुनना बहुत ज़रूरी है।
एक अच्छी लिपस्टिक में कौन से फायदेमंद इंग्रीडिएंट्स होते हैं?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी लिपस्टिक जिनमें ऐसे इंग्रीडिएंट्स हों जो होंठों को पोषण और मॉइस्चराइज़ करें, उन्हें सबसे अच्छा माना जाता है। उदाहरण के लिए, बीज़वैक्स होंठों में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जबकि शिया बटर और कोकोआ बटर उन्हें सॉफ्ट रखने और ड्राइनेस कम करने में मदद करते हैं। विटामिन E एक असरदार एंटीऑक्सीडेंट है जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करता है। जोजोबा ऑयल, नारियल तेल, बादाम तेल और एवोकाडो ऑयल जैसे नेचुरल तेल भी होंठों को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
अगर हो सके, तो ऐसी लिपस्टिक चुनें जिसमें नेचुरल पिगमेंट (प्लांट-बेस्ड पिगमेंट) हों और जो डर्मेटोलॉजिकली टेस्टेड या सर्टिफाइड ऑर्गेनिक हो।
इन केमिकल वाली लिपस्टिक से सावधान रहने की सलाह
कॉस्मेटिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिपस्टिक खरीदते समय इंग्रीडिएंट लिस्ट पढ़ना ज़रूरी है। अगर इसमें पैराबेन हैं, तो इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ रिसर्च उन्हें हार्मोनल इम्बैलेंस से जोड़ती हैं। थैलेट्स का इस्तेमाल प्रोडक्ट्स को ज़्यादा फ्लेक्सिबल बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन उनके पोटेंशियल हेल्थ इफेक्ट्स पर भी लगातार स्टडी की जा रही है।
इसी तरह, लेड, कैडमियम और दूसरे हेवी मेटल्स का हाई लेवल हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आर्टिफिशियल खुशबू सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में एलर्जी या जलन पैदा कर सकती है। BHA, BHT, ट्राइक्लोसन और कुछ सिंथेटिक डाई वाले प्रोडक्ट्स को रोज़ाना इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सिर्फ "नेचुरल" लिखा होने से लिपस्टिक सेफ नहीं हो जाती।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनियाँ अक्सर मार्केटिंग के लिए "नेचुरल," "हर्बल," या "क्लीन ब्यूटी" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इन दावों को वेरिफ़ाई करना ज़रूरी है। शॉपिंग करते समय, ECOCERT, COSMOS ऑर्गेनिक, USDA ऑर्गेनिक, PETA क्रुएल्टी-फ़्री, या वीगन सर्टिफ़िकेशन जैसे सर्टिफ़िकेशन देखना बेहतर ऑप्शन हो सकता है। साथ ही, किसी भी प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट, मैन्युफ़ैक्चरर की जानकारी और पूरी इंग्रीडिएंट लिस्ट ज़रूर पढ़ें।
