नई दिल्ली। मानसून का मौसम अपने साथ राहत, हरियाली और ठंडी फुहारें लेकर आता है, लेकिन यही मौसम पेट से जुड़ी समस्याओं, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ संतुलित, हल्का और पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हैं ताकि पाचन तंत्र स्वस्थ रहे और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत बनी रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून के दौरान तला-भुना, मसालेदार और खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। इसके बजाय ऐसे खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना चाहिए जो पाचन को बेहतर बनाने के साथ संक्रमण से बचाने में भी मदद करें।
हल्दी, अदरक और लहसुन को बनाएं रोजाना की डाइट का हिस्सा
बरसात के मौसम में हल्दी, अदरक और लहसुन जैसे प्राकृतिक मसालों का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जबकि लहसुन में पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं। वहीं अदरक पाचन क्रिया को बेहतर बनाने, गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार इन मसालों का नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन शरीर की चयापचय क्रिया को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि इनसे जुड़े कुछ वैज्ञानिक अध्ययन अभी भी जारी हैं।
प्रोबायोटिक्स से मजबूत होती है आंतों की सेहत
बरसात के मौसम में कई लोग दही और छाछ का सेवन बंद कर देते हैं, जबकि ये दोनों प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स के अच्छे स्रोत हैं। प्रोबायोटिक्स आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूती मिलती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दही या छाछ का सेवन दिन के समय करें। रात में इनका सेवन करने से बचना बेहतर माना जाता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिन्हें ठंड या सर्द प्रकृति की समस्या रहती है।
फाइबर से भरपूर फल भी हैं बेहद जरूरी
मॉनसून में फल खाना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते उन्हें अच्छी तरह धोकर और साफ-सफाई के साथ खाया जाए। सेब, केला, अनार और जामुन जैसे फल फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार फाइबर आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ावा देता है और पाचन तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा फल शरीर को आवश्यक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भी उपलब्ध कराते हैं।
घर का ताजा और हल्का गर्म भोजन है सबसे सुरक्षित विकल्प
बारिश के मौसम में घर का ताजा, हल्का और कम मसालों वाला भोजन सबसे अच्छा माना जाता है। गर्म भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता और संक्रमण का खतरा भी कम रहता है।
विशेषज्ञ भारी भोजन की बजाय दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करने की सलाह देते हैं। इससे भोजन आसानी से पचता है, शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पेट भारी होने की समस्या भी नहीं होती।
मॉनसून में भारतीय थाली है सबसे बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक भारतीय थाली मानसून के मौसम के लिए सबसे संतुलित भोजन मानी जा सकती है। इसमें दाल, चावल, रोटी और लौकी, तोरई, करेला तथा सहजन जैसी सब्जियां शामिल होती हैं, जो हल्की होने के साथ पौष्टिक भी होती हैं।
इन सब्जियों में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को ऊर्जा देने, पाचन बेहतर रखने और संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
बरसात में किन चीजों से करें परहेज
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून के दौरान सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, क्योंकि नमी के कारण उनमें बैक्टीरिया तेजी से विकसित हो सकते हैं। मोमोज, नूडल्स, बर्गर, गोलगप्पे, अधिक तला-भुना भोजन और अत्यधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए।
कुछ विशेषज्ञ इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी अच्छी तरह धोकर और पकाकर करने की सलाह देते हैं, क्योंकि उन पर मिट्टी, कीटाणु या अन्य सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि मानसून के दौरान लगातार उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, मल में खून, मुंह सूखना, चक्कर आना या पेशाब की मात्रा कम होने जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार कराने से गंभीर संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्वस्थ मॉनसून के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
बारिश के मौसम में हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें, बाहर का कटा हुआ फल और खुला भोजन खाने से बचें तथा संतुलित आहार के साथ नियमित दिनचर्या अपनाएं। सही खानपान और थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप मानसून का आनंद भी ले सकते हैं और पेट की समस्याओं से भी सुरक्षित रह सकते हैं।
