सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है। इससे पहले तमाम श्रद्धालु अपनी कांवड़ लेकर मंजिल की ओर बढ़ने लगे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान एक से बढ़कर एक अलग-अलग तरह की कांवड़ देखने को मिल रही हैं। इन्हीं में से एक अनोखी कांवड़ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें भगवान शिव का एक भक्त अपने दांतों से कार खींचते हुए गंगाजल लेकर जा रहा है।
Kanwar Yatra 2026: दांतों से कार खींचकर गंगाजल ला रहा शिव भक्त, अनोखी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्रSource : Abp news.com
हापुड़ में दिखी अनोखी कांवड़ यात्रा
इस अनोखी कांवड़ का नजारा हापुड़ में देखने को मिला, जहां अलीगढ़ के छज्जूपुर गांव के रहने वाले नरेंद्र जाट अपनी अनोखी शिवभक्ति को लेकर चर्चा में हैं। नरेंद्र हरिद्वार से 11 लीटर गंगाजल की कांवड़ और भगवान शिव की प्रतिमा लेकर दांतों से कार खींचते हुए अपने गांव की ओर बढ़ रहे हैं।
दांतों से कार खींचकर ला रहे गंगाजल
उनकी इस अनूठी कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रास्ते में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। लोग उनकी भक्ति और भगवान शिव के प्रति उनके समर्पण की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई जगहों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके वीडियो भी बना रहे हैं। उनकी इस अनोखी यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
नरेंद्र के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वह अपनी कार में गंगाजल रखकर उसे दांतों से खींचते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अपनी कार की नंबर प्लेट पर 'महाकाल' लिखवाया है, जबकि पीछे भगवान शिव की तस्वीर लगाई है। इस पर लिखा है- 'दांतों से खींचकर हरिद्वार से गांव छज्जूपुर अंडारे महादेव तक पैदल यात्रा।'
गाय को राष्ट्रमाता बनाने का संकल्प
नरेंद्र ने बताया कि यह यात्रा भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने एक बड़े और कठिन संकल्प के साथ यह कांवड़ यात्रा शुरू की है। उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अगर समाज गाय के महत्व और अपनी जिम्मेदारियों को समझेगा तो सनातन संस्कृति और अधिक मजबूत होगी।
