rere | Source: rerनई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरभ दास के डेंगू से संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। दास ने स्वयं इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बीमारी के कारण वह फिलहाल आंदोलन की तैयारियों और आगे की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे।

आंदोलन से पहले सामने आई सौरभ दास की बीमारी

सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी की ओर से प्रस्तावित आंदोलन के बीच सौरभ दास का बीमार पड़ना संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। दास ने रविवार रात डेंगू होने की जानकारी साझा की।

इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं की ओर से आंदोलन को लेकर लगातार तैयारियां की जा रही थीं। पार्टी ने घोषणा की है कि आंदोलन की शुरुआत मुंबई से की जाएगी और इसके बाद इसे अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।

असम जाने की तैयारी के बीच बीमारी ने रोका रास्ता

आशुतोष रांका को असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने वहां जाने की बात कही थी। इसी क्रम में सौरभ दास ने भी असम जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन डेंगू होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए।

दास ने अपनी बीमारी की जानकारी देते हुए आंदोलन से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाने वाला संदेश भी दिया। उनकी बीमारी ऐसे समय सामने आई है, जब 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन के लिए कुछ ही दिन शेष हैं।

पहले भी बीमारी के बीच आंदोलन में सक्रिय रहे थे दीपके

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके इससे पहले नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान टाइफाइड से पीड़ित हो गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीमारी के बावजूद उन्होंने आंदोलन की गतिविधियों में भाग लिया था।

हालांकि, कुछ समय के लिए उन्हें प्रदर्शन स्थल से दूर रहना पड़ा था। आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्होंने उपचार और आराम किया। अब सौरभ दास के डेंगू से संक्रमित होने की खबर ने सीजेपी की आगामी गतिविधियों को लेकर नया घटनाक्रम पैदा कर दिया है।

ज्ञानेश कुमार को लेकर CJP ने क्यों खोला मोर्चा

सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी ने पहले उन्हें 48 घंटे का समय देने की बात कही थी और इसके बाद 2 अक्टूबर से मुंबई से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया।

यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उठे सवालों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कथित आपत्तियों का दावा किया गया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों के जवाब में कहा कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी पेच

सीजेपी की ओर से 2 अक्टूबर को मुंबई से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। पार्टी ने इसे आगे देश के अन्य हिस्सों तक ले जाने की बात कही है। वहीं, प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अनुमति का मुद्दा भी सामने आया है।

ऐसे में 2 अक्टूबर से पहले सीजेपी के सामने आंदोलन की तैयारियों के साथ संगठन के प्रमुख नेताओं से जुड़े घटनाक्रम भी चुनौती बने हुए हैं। सौरभ दास की स्वास्थ्य स्थिति और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर अब नजर रहेगी।