क्या सिर्फ 15 मिनट का योग किसी की जिंदगी बदल सकता है? हैदराबाद की रहने वाली पायल अग्रवाल मुखर्जी की कहानी इसका जवाब "हां" में देती है। एक समय ऐसा था जब बढ़ते वजन, लगातार पीठ दर्द और थकान ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया था। अपनी छोटी बेटी को गोद में उठाने पर भी उन्हें तेज दर्द का सामना करना पड़ता था। लेकिन योग और अनुशासित जीवनशैली की मदद से उन्होंने न केवल अपनी सेहत वापस हासिल की, बल्कि आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि नियमित योग जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।

Payal Agarwal source:News18
कॉरपोरेट करियर में खुद की सेहत को कर दिया था नजरअंदाज
पायल अग्रवाल मुखर्जी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उन्होंने हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया है। करीब 15 वर्षों तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम करते हुए उन्होंने अपने परिवार और करियर को प्राथमिकता दी, लेकिन अपनी सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे सकीं। बेटी के जन्म के बाद उन्हें एहसास हुआ कि लगातार लापरवाही उनकी सेहत पर भारी पड़ रही है। उस समय उनका वजन 76 किलो तक पहुंच चुका था और कम उम्र में ही पीठ दर्द की समस्या शुरू हो गई थी।
बेटी को गोद में उठाने में होता था दर्द, यहीं से शुरू हुई योग यात्रा
पायल बताती हैं कि वह अपने परिवार का पूरा ध्यान रख रही थीं, लेकिन खुद को पूरी तरह भूल चुकी थीं। जब अपनी छोटी बेटी को गोद में लेने पर भी पीठ में तेज दर्द होने लगा, तब उन्हें महसूस हुआ कि स्वस्थ रहना सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। नियमित अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली की मदद से उन्होंने अपना वजन 76 किलो से घटाकर 50 किलो से भी कम कर लिया और पीठ दर्द व थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा पा लिया।
40 की उम्र के बाद बीमारियों को सामान्य न समझें
पायल का मानना है कि भारत तेजी से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य बीमारियों की चुनौती का सामना कर रहा है। उनके अनुसार 40 वर्ष की उम्र के बाद लोग अक्सर डायबिटीज, हाइपरटेंशन और पीठ दर्द जैसी समस्याओं को सामान्य मान लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। वह कहती हैं कि योग केवल एक दिन मनाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे साल के 365 दिनों तक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। यदि ज्यादा समय नहीं मिल पाता, तो रोजाना 15 मिनट योग करना भी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।
महिलाओं को अपनी सेहत को भी देनी चाहिए प्राथमिकता
पायल विशेष रूप से महिलाओं और माताओं को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने की सलाह देती हैं। उनका कहना है कि महिलाएं अक्सर बच्चों, पति और परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि खुद को सबसे आखिर में रख देती हैं। उनके अनुसार, अगर मां स्वस्थ रहेगी तो पूरा परिवार स्वस्थ रहेगा। इसलिए महिलाओं को अपने लिए भी समय निकालना चाहिए और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अब लाखों महिलाओं को कर रही हैं प्रेरित
अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने के बाद पायल अब ऑनलाइन माध्यम से लाखों महिलाओं तक पहुंच रही हैं। वह उन्हें योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मिशन है कि हर महिला अपनी सेहत को उतनी ही अहमियत दे, जितनी वह अपने परिवार को देती है। पायल का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद योग घर-घर तक पहुंचा है और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उनके मुताबिक योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं, बल्कि संतुलित और बेहतर जीवन जीने का माध्यम है।
