Imran Masood on Jantar Mantar Protest: इमरान मसूद के बयान पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- 'ये विपक्ष नहीं, देश के युवाओं का आंदोलन है' | Source: Abp.news.comदिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं का आंदोलन है और इसे युवा ही आगे बढ़ाएंगे।

Imran Masood on Jantar Mantar Protest: इमरान मसूद के बयान पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- 'ये विपक्ष नहीं, देश के युवाओं का आंदोलन है'Source : Abp.news.com

'ये विपक्ष नहीं, देश के युवाओं का आंदोलन'

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरे देश के युवाओं का है, किसी विपक्षी दल का नहीं। उनके मुताबिक इस आंदोलन को देश के युवा ही आगे बढ़ाएंगे और इसे किसी भी तरह कमजोर नहीं होने देंगे।

अभिजीत दीपके ने कहा, "यह आंदोलन पूरे देश के युवाओं का है। यह विपक्षी पार्टियों का आंदोलन नहीं है। देश के युवा ही इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे और यह किसी भी तरह से कमजोर नहीं होगा।"

क्या कहा था इमरान मसूद?

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक का आंदोलन "अन्ना हजारे पार्ट-2" जैसा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है।

20 जुलाई की घटना के बाद बढ़ा आंदोलन

20 जुलाई को संसद मार्च के ऐलान के दौरान छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद छात्रों और युवाओं में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पर जुटने लगे और आंदोलन तेज हो गया।

विपक्ष ने भी उठाई कार्रवाई की मांग

छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। हालांकि, बाद के दिनों में छात्रों पर कोई सख्ती नहीं की गई और सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पहल की। इसी दौरान सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी समाप्त कराई गई।