erere | Source: ereनई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में दाखिला नहीं मिलने के बाद एक छात्र द्वारा उठाया गया कदम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाने का दावा किया और वेबसाइट पर एक संदेश छोड़ दिया। घटना सामने आने के बाद पहले संस्थान स्तर पर कानूनी कार्रवाई पर विचार किया गया, लेकिन बाद में छात्र की तकनीकी क्षमता को देखते हुए उसे अपनी योग्यता साबित करने का दूसरा अवसर देने का निर्णय लिया गया। यह मामला अब साइबर सुरक्षा, प्रतिभा और कानूनी जिम्मेदारी तीनों पहलुओं से चर्चा में है।

साइबर सिक्योरिटी कोर्स में किया था आवेदन

रिपोर्ट के अनुसार, छात्र ने कुछ सप्ताह पहले IIT कानपुर के नए शुरू हुए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। उसने आवेदन प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्धारित शुल्क जमा किया, सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सुरक्षा कौशल से जुड़े प्रमाण भी संस्थान को उपलब्ध कराए।

हालांकि आवेदन के बावजूद छात्र का चयन नहीं हुआ। इतना ही नहीं, उसे प्रवेश प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आयोजित किए गए हैकथॉन में भी शामिल होने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद छात्र ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया।

वेबसाइट पर छोड़ा संदेश, मच गई हलचल

बताया गया है कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाने का दावा किया। इसके बाद वेबसाइट पर अंग्रेजी में संदेश छोड़ा गया, जिसमें लिखा था, "Site is hacked. All I need is just a fair chance."

यह संदेश सामने आते ही दोनों संस्थानों में हलचल मच गई। प्रारंभिक स्तर पर इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने पर भी विचार किया गया।

सोशल मीडिया पर साझा किए स्क्रीनशॉट

घटना के बाद छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कथित स्क्रीनशॉट साझा किए। उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता और साइबर सुरक्षा कौशल को संस्थान के सामने साबित करना था।

छात्र के इस दावे के बाद संस्थान ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी तथ्यों का सत्यापन किया।

IIT कानपुर के निदेशक ने दी आधिकारिक जानकारी

IIT कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने पुष्टि की कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच हासिल की थी। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि छात्र को प्रवेश प्रक्रिया में इसलिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया था क्योंकि उसके पास साइबर सुरक्षा क्षेत्र में पहले का कोई औपचारिक अनुभव नहीं था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए अब उसे तत्काल प्रवेश देना संभव नहीं है।

योग्यता साबित करने का मिलेगा दूसरा अवसर

प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान छात्र को IIT कानपुर बुलाएगा और उसकी तकनीकी क्षमता का निष्पक्ष परीक्षण करेगा। यदि वह परीक्षण में अपनी योग्यता साबित कर देता है, तो अगले प्रवेश चक्र में उसे अवसर देने पर विचार किया जाएगा।

संस्थान का मानना है कि प्रतिभा को सही दिशा देना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए कानूनी और संस्थागत प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही जरूरी है।

फैकल्टी करेगी छात्र से बातचीत

IIT कानपुर ने अपने वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों और इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि वे छात्र से बातचीत करें और उसे समझाएं कि किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में बिना अनुमति प्रवेश करना कानून के विरुद्ध है।

संस्थान का उद्देश्य छात्र को यह संदेश देना है कि तकनीकी प्रतिभा का उपयोग हमेशा जिम्मेदारी और कानूनी दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।

पहले FIR दर्ज कराने पर भी हुआ था विचार

IIT के एक अधिकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में संस्थान ने छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की संभावना पर विचार किया था। हालांकि, अंतिम निर्णय लेने से पहले छात्र के दावों की जांच करने और उसकी वास्तविक तकनीकी क्षमता को परखने का फैसला लिया गया।

अधिकारी ने यह भी बताया कि IIT कानपुर पहले भी साइबर सुरक्षा क्षेत्र की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहा है। इसी वर्ष संस्थान ने CBSE के ऑनलाइन स्क्रीन-मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमियां खोजने वाले एक युवा को अपने C3iHub में नौकरी की पेशकश की थी।

अन्य छात्रों के लिए भी दिया महत्वपूर्ण संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने छात्रों से अपील की कि वे अवसर पाने के लिए कभी भी गैर-कानूनी तरीकों का सहारा न लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कौशल है तो वह अपना सीवी (CV) संस्थान के साथ साझा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को C3iHub में इंटर्नशिप या रोजगार के अवसरों के लिए भी विचार किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा वैध और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए, क्योंकि अनधिकृत गतिविधियों के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।