न्यूयॉर्क/मैसाचुसेट्स। अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य में तीन छोटे बच्चों की मौत से जुड़े चर्चित मामले की सुनवाई के दौरान अदालत का माहौल बेहद भावुक हो गया। कोर्ट में उस 911 इमरजेंसी कॉल की रिकॉर्डिंग सुनाई गई, जिसमें बच्चों के पिता पैट्रिक क्लैंसी अपनी पत्नी को घायल अवस्था में देखने के बाद बच्चों की तलाश करते हैं और फिर चीखते हुए कहते हैं, "उसने बच्चों को मार डाला।" रिकॉर्डिंग सुनते ही अदालत में मौजूद कई लोग भावुक हो गए।
यह मामला जनवरी 2023 का है, जिसमें पूर्व नर्स लिंडसे क्लैंसी पर अपने तीन छोटे बच्चों की हत्या करने का आरोप है।
तीन मासूम बच्चों की मौत का मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, लिंडसे क्लैंसी ने अपने तीन बच्चों—5 वर्षीय कोरा, 3 वर्षीय डॉसन और 8 महीने के कैलन—का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।
आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने घर की दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, लेकिन उनकी जान बच गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना वाले दिन क्या हुआ था?
सुनवाई के दौरान बच्चों के पिता पैट्रिक क्लैंसी ने अदालत को बताया कि घटना वाले दिन उनकी पत्नी ने उन्हें दवा और भोजन लाने के लिए घर से बाहर भेजा था।
जब वह वापस लौटे तो घर में असामान्य सन्नाटा था। उन्होंने बच्चों को ढूंढ़ना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें उनकी पत्नी घायल अवस्था में मिली, जिसने बताया कि बच्चे बेसमेंट में हैं।
पैट्रिक जब बेसमेंट पहुंचे तो वहां तीनों बच्चे मृत अवस्था में मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल 911 पर फोन किया।
911 कॉल की रिकॉर्डिंग ने सभी को भावुक कर दिया
अदालत में सुनाई गई 911 कॉल में पैट्रिक क्लैंसी की दर्दभरी आवाज सुनाई दी। रिकॉर्डिंग में वह मदद की गुहार लगाते हुए कहते हैं कि उनकी पत्नी ने बच्चों को मार डाला है।
इस रिकॉर्डिंग के दौरान अदालत का माहौल पूरी तरह शांत हो गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
बचाव पक्ष ने मानसिक बीमारी का दिया हवाला
लिंडसे क्लैंसी के वकीलों ने अदालत में दावा किया कि वह पोस्टपार्टम साइकोसिस (Postpartum Psychosis) नामक दुर्लभ मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं।
बचाव पक्ष के अनुसार, तीसरे बच्चे के जन्म के बाद उनकी मानसिक स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी। उनका कहना है कि उन्हें ऐसी आवाजें सुनाई देती थीं जो उन्हें स्वयं और बच्चों को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाती थीं।
अदालत में पेश किए गए मेडिकल रिकॉर्ड
बचाव पक्ष ने अपने दावों के समर्थन में अदालत के समक्ष मेडिकल रिकॉर्ड, दवाओं की सूची और लिंडसे की निजी डायरी भी प्रस्तुत की।
वकीलों के अनुसार, डायरी में कई स्थानों पर उन्होंने "भयानक विचार" (Horrible Thoughts) लिखे थे। बचाव पक्ष का कहना है कि कई मनोचिकित्सकीय दवाएं और उपचार दिए जाने के बावजूद उनकी मानसिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अभियोजन पक्ष ने सुनियोजित हत्या का लगाया आरोप
अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी ने पूरी योजना बनाकर अपने पति को घर से बाहर भेजा और उसके बाद बच्चों की हत्या की।
सरकारी पक्ष के अनुसार, यह एक सुनियोजित अपराध था और आरोपी को अपने कथित कृत्य की पूरी कानूनी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
पिता बोले- मुझे बीमारी की जानकारी नहीं थी
सुनवाई के दौरान पैट्रिक क्लैंसी ने अदालत में कहा कि घटना से पहले उन्हें कभी यह नहीं बताया गया था कि उनकी पत्नी को बच्चों के साथ अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मुझे इस घटना के बाद ही पता चला कि पोस्टपार्टम साइकोसिस क्या होता है।"
पहले भी पत्नी को 'बीमार' बता चुके हैं पिता
इससे पहले दिए गए एक साक्षात्कार में पैट्रिक क्लैंसी ने कहा था कि वह अपनी पत्नी को "बीमार" मानते हैं, "बुरी इंसान" नहीं।
उनके इस बयान का भी मामले की सुनवाई के दौरान उल्लेख किया गया।
फैसले पर निर्भर करेगा आगे का कानूनी परिणाम
यदि अदालत लिंडसे क्लैंसी को हत्या का दोषी ठहराती है, तो उन्हें बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
वहीं, यदि अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि घटना के समय वह मानसिक रूप से अपने कृत्य के लिए उत्तरदायी नहीं थीं, तो उन्हें जेल भेजने के बजाय राज्य के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भेजा जा सकता है।
