आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में डॉक्टर नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. हालांकि लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए जिम बेहतर है या योगा. कुछ लोग जिम में वर्कआउट करना पसंद करते हैं, जबकि कुछ योग को सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों की तुलना करना सही नहीं है, क्योंकि जिम और योगा दोनों अलग-अलग तरीके से दिल की सेहत को फायदा पहुंचाते हैं. अगर दोनों को सही तरीके से अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ सकते हैं. आइए जानते हैं कि एक्सपर्ट्स के मुताबिक दिल की सेहत के लिए जिम और योगा में क्या बेहतर है.

Source : Pexel
जिम और योगा में क्या बेहतर है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जिम और योगा दोनों ही दिल को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. हालांकि दोनों के काम करने का तरीका अलग-अलग होता है. ऐसे में किसी एक को चुनने के बजाय बेहतर है कि दोनों को अपनी फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाया जाए.
जिम करने से दिल को कैसे मिलता है फायदा?
जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग, रोइंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दिल की फिटनेस को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. नियमित रूप से इस तरह की एक्सरसाइज करने से दिल मजबूत होता है और पूरे शरीर में खून पहुंचाने का काम अधिक प्रभावी ढंग से करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, जिम वर्कआउट से दिल की कार्यक्षमता बेहतर होती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है. इसके अलावा वजन नियंत्रित रखने, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के खतरे को कम करने तथा शरीर की स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ाने में भी मदद मिलती है. नियमित कार्डियो एक्सरसाइज से दिल को शरीर के सभी हिस्सों तक ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है.
योगा क्यों है दिल के लिए जरूरी?
योग का मुख्य फोकस शरीर को लचीला बनाना, सही तरीके से सांस लेना, संतुलन बनाए रखना और मानसिक शांति प्रदान करना होता है. हालांकि योग से कार्डियो एक्सरसाइज जितनी एरोबिक फिटनेस नहीं मिलती, लेकिन यह दिल की सेहत के लिए कई अन्य तरीकों से फायदेमंद माना जाता है. योग तनाव और चिंता को कम करने, स्ट्रेस हार्मोन को नियंत्रित करने, शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर सुधारने, सांस लेने की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नींद दिलाने में मदद करता है. विशेषज्ञों के मुताबिक तनाव भी हार्ट डिजीज का एक बड़ा कारण है और योग मन व नर्वस सिस्टम को शांत रखकर इस जोखिम को कम करने में सहायक होता है.
क्या सिर्फ योगा करने से दिल हेल्दी रह सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि योग के कई शारीरिक और मानसिक फायदे जरूर हैं, लेकिन केवल योग करने से शरीर को उतनी एरोबिक एक्टिविटी नहीं मिलती, जिससे दिल की सहनशक्ति में बड़ा सुधार हो सके.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्वस्थ लोगों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मीडियम इंटेंसिटी एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, जॉगिंग या साइक्लिंग करनी चाहिए. इसके साथ बेहतर फिटनेस और हार्ट हेल्थ के लिए योग के अलावा दूसरी फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी मानी जाती है.
दिल को हेल्दी रखने के लिए कैसी होनी चाहिए एक्सरसाइज रूटीन?
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, जिम और योगा में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है. बेहतर होगा कि दोनों को अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल किया जाए. एक संतुलित फिटनेस प्लान में तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग या स्विमिंग जैसी एरोबिक एक्सरसाइज, सप्ताह में कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, शरीर की रिकवरी और तनाव कम करने के लिए योग, साथ ही रोजाना स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज शामिल होनी चाहिए. इस तरह की रूटीन दिल के साथ-साथ मांसपेशियों, शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
