आईपीएल 2026 के फाइनल में एक बार फिर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का जलवा देखने को मिला। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टीम की जीत के हीरो रहे विराट कोहली जिन्होंने दबाव भरे मुकाबले में शानदार अर्धशतक जड़ते हुए टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। जैसे ही आखिरी रन बना, स्टेडियम में मौजूद लाखों फैंस जश्न में डूब गए, जबकि बेंगलुरु की सड़कों पर भी रातभर उत्सव का माहौल देखने को मिला। 18 साल तक ट्रॉफी के लिए इंतजार करने वाली आरसीबी अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन चुकी है और इसी के साथ टीम ने अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर ली।
जीत के जश्न के बीच डीके शिवकुमार का बड़ा बयान
जहां एक तरफ पूरे कर्नाटक में आरसीबी की जीत का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए डीके शिवकुमार ने ऐसा बयान दे दिया जिसने नई बहस छेड़ दी। आरसीबी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि टीम ने इतिहास रच दिया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल फाइनल के वेन्यू को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
शिवकुमार ने कहा कि आरसीबी के करोड़ों समर्थकों के साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि फाइनल मुकाबला बेंगलुरु में होना चाहिए था। उनका मानना है कि अगर खिताबी मुकाबला चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाता तो वहां मौजूद फैंस अपनी टीम की ऐतिहासिक जीत को अपनी आंखों के सामने देख पाते।
बेंगलुरु से फाइनल छीन लिया गया
मीडिया से बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने साफ शब्दों में कहा कि आईपीएल फाइनल बेंगलुरु में होना चाहिए था, लेकिन इसे दूसरे शहर में आयोजित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर फाइनल के वेन्यू बदलने की तरफ था।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि कर्नाटक और बेंगलुरु के लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ मामला था। करोड़ों आरसीबी समर्थक अपनी टीम को घर में ट्रॉफी जीतते हुए देखना चाहते थे, लेकिन उन्हें यह मौका नहीं मिल पाया।
आखिर क्यों उठा वेन्यू पर विवाद?
दरअसल, आरसीबी लंबे समय से आईपीएल की सबसे लोकप्रिय टीमों में गिनी जाती है। टीम का घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम हमेशा खचाखच भरा रहता है और यहां का माहौल पूरे क्रिकेट जगत में मशहूर है। ऐसे में जब फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में आयोजित किया गया तो कई फैंस ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए कि आखिर बेंगलुरु को मेजबानी क्यों नहीं मिली।
डीके शिवकुमार का कहना है कि अगर आरसीबी जैसी टीम फाइनल में पहुंची थी तो उसके घरेलू शहर को भी इस बड़े आयोजन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए था। यही वजह है कि उन्होंने इसे कर्नाटक के साथ अन्याय बताया।
जीत के बाद भी भावुक दिखे आरसीबी समर्थक
आरसीबी की जीत ने फैंस को खुशी जरूर दी, लेकिन कई समर्थकों के मन में यह कसक भी रही कि उनकी टीम का सबसे बड़ा मुकाबला उनके अपने शहर में नहीं खेला गया। सोशल मीडिया पर हजारों फैंस ने लिखा कि वे चिन्नास्वामी स्टेडियम में बैठकर अपनी टीम को ट्रॉफी उठाते देखना चाहते थे।
आरसीबी के समर्थक वर्षों से टीम के साथ खड़े रहे हैं। 2009, 2011 और 2016 में फाइनल हारने के बाद भी फैंस ने टीम का साथ नहीं छोड़ा। यही वजह है कि लगातार दूसरी बार मिली सफलता उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है।
टीम की तारीफ करते नहीं थके डीके शिवकुमार
विवाद और नाराजगी के बीच डीके शिवकुमार ने आरसीबी की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और करोड़ों फैंस ने मिलकर इतिहास रचा है। टीम ने पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन किया और आखिर में ट्रॉफी जीतकर बेंगलुरु का नाम एक बार फिर पूरे देश में रोशन कर दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी आरसीबी को बधाई देते हुए लिखा कि टीम ने साहस, धैर्य और चैंपियन जैसी मानसिकता दिखाकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया है। उनके मुताबिक यह जीत आने वाली पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी।
जीत की खुशी, लेकिन फैंस के लिए अधूरा रहा सपना
आरसीबी ने ट्रॉफी जीत ली, विराट कोहली ने एक और यादगार पारी खेल दी, खिलाड़ियों ने जश्न मनाया और पूरा बेंगलुरु लाल रंग में रंग गया। लेकिन डीके शिवकुमार के बयान ने यह साफ कर दिया कि कर्नाटक में कई लोग अब भी मानते हैं कि फाइनल मुकाबला उनके शहर में होना चाहिए था। यही वजह है कि जीत की खुशी के बीच भी वेन्यू को लेकर विवाद और चर्चा लगातार जारी है।
आरसीबी ने मैदान पर इतिहास रच दिया, लेकिन फाइनल की मेजबानी को लेकर उठे सवाल अब भी राजनीतिक और खेल जगत में बहस का विषय बने हुए हैं।
