
बिहार में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। पटना के गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने अब आंदोलन को और बड़ा करने का फैसला किया है। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन यानी ABSU ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर काफी समय से सरकार का ध्यान खींच रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी कई मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ है। इसी वजह से अब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी की है।
ABSU से जुड़े छात्र पिछले 12 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन में शामिल दो छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। संगठन का कहना है कि छात्रों और अभ्यर्थियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
धरने के दौरान छात्र अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को इन मामलों में लिखित और साफ फैसला लेना चाहिए।
इस आंदोलन में बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुख है। ABSU ने BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग उठाई है। इसके अलावा छात्रों की ओर से भर्ती और नियुक्ति से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का काफी समय और पैसा तैयारी में लगता है। ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होते हैं तो उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ जाती है।
इसी वजह से आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुने और परीक्षा से जुड़े मामलों में स्पष्ट फैसला करे।
ABSU ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं के शामिल होने की बात कही जा रही है।
अब प्रशासन के सामने भीड़ को संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी। हालांकि, प्रदर्शन किस तरह और किस रास्ते से होगा, इसे लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या व्यवस्था की जाती है, इस पर नजर रहेगी।
छात्रों का कहना है कि उनका मकसद सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है। वहीं, अगर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ते हैं तो पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।
बिहार में छात्र और रोजगार से जुड़े मुद्दे पहले भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में 25 अगस्त का प्रस्तावित प्रदर्शन सरकार के लिए भी अहम माना जा रहा है।
फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। गर्दनीबाग में धरना जारी है और अब मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 25 अगस्त से पहले सरकार आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करती है या नहीं। अगर बातचीत के जरिए कोई रास्ता नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में बिहार में छात्र आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल ABSU की नजर 25 अगस्त पर है और छात्रों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव के जरिए उनकी मांगों पर सरकार का ध्यान जाएगा।
