भारत की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, ट्रैफिक और सुरक्षा चुनौतियों के कारण राजधानी को किसी सुरक्षित और मध्य क्षेत्र में शिफ्ट करने की सलाह दी जा रही है। दक्षिण भारत के शहर जैसे हैदराबाद, बेंगलुरु या मैसूर इसके संभावित विकल्प हो सकते हैं, जबकि कुछ लोग मध्य प्रदेश या बिहार-उत्तर प्रदेश की सीमा के आसपास किसी नई जगह पर राजधानी बनाने की बात कर रहे हैं।

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दिल्ली की समस्याएं वाक़ई गंभीर हैं। ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और सुरक्षा चुनौतियों के कारण यह सवाल उठने लगा है कि क्या दिल्ली अब भी भारत की राजधानी बनने के लायक है? कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तो यहां तक कहा है कि दिल्ली की जगह किसी और शहर को राजधानी बनाया जाना चाहिए।

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इंडोनेशिया ने अपनी राजधानी जकार्ता से नुसंतारा में शिफ्ट की है, जो एक 'फॉरेस्ट सिटी' के रूप में विकसित की जा रही है। भारत भी अपनी राजधानी बदलने पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार की प्राथमिकता दिल्ली की बुनियादी व्यवस्था को आधुनिक बनाना है, जैसे "सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट" के तहत नए संसद भवन और सरकारी दफ्तरों का निर्माण।

नई राजधानी के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, मैसूर, नागपुर और भोपाल जैसे शहरों का नाम सामने आ रहा है। लेकिन राजधानी बदलना कोई आसान काम नहीं है, इसमें भारी निवेश और समय की जरूरत होगी।

क्या आपको लगता है कि राजधानी बदलने से भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार हो सकता है? क्या आप किसी खास शहर को राजधानी बनाने के पक्ष में हैं?