वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह जारी की है। अम्मान, यरुशलम और बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावासों ने क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों से पश्चिम एशिया छोड़ने पर विचार करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है। इस सुरक्षा अलर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या क्षेत्र में किसी बड़े घटनाक्रम की आशंका है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
अमेरिकी दूतावासों ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट
अमेरिका की ओर से जारी सुरक्षा संदेश अम्मान, यरुशलम और बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावासों के सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया गया। अलर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिक वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अधिक सतर्क रहें और यदि हालात बिगड़ते हैं तो क्षेत्र से सुरक्षित निकलने की तैयारी रखें।
दूतावासों ने नागरिकों से नियमित रूप से उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेने, संभावित यात्रा व्यवधानों के लिए तैयार रहने तथा स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
हवाई यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दी गई विशेष चेतावनी
सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में स्थिति कभी भी बदल सकती है। ऐसे में उड़ानों के रद्द होने, हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद होने और यात्रा में अन्य प्रकार की बाधाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए अमेरिकी नागरिकों को हर समय सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने की सलाह दी गई है।
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
यह सुरक्षा अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताह भर के युद्धविराम के बाद फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और अधिक सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका केवल जीत चाहता है।
मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अभी कुछ समय तक जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर बेहद कड़ा प्रहार करेगा और एक समय ऐसा आएगा जब ईरान आगे संघर्ष जारी रखने में असमर्थ महसूस करेगा।
व्हाइट हाउस ने लगाया समझौता तोड़ने का आरोप
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान पर अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ युद्धविराम संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने उस समझौते का पालन नहीं किया।
लेविट ने आरोप लगाया कि ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए और अमेरिकी सैनिकों की हत्या की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रकार की गतिविधियों को स्वीकार नहीं करेंगे और जब तक ईरान सार्थक बातचीत के लिए आगे नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी रणनीतिक चिंता
अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खुलवाने के लिए भी दबाव बना रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्र में जारी तनाव के कारण यहां समुद्री गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कुवैत ने ड्रोन हमलों की पुष्टि की
कुवैत की सेना ने कहा है कि उसके सुरक्षा बल देश पर हुए ड्रोन हमलों का जवाब दे रहे हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी के अनुसार देश के उत्तरी हिस्से में स्थित एक सरकारी भवन सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने बताया कि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ओमान तट के पास टैंकर पर हमला और विस्फोट
ब्रिटेन की नौसेना ने जानकारी दी कि होर्मुज क्षेत्र में ओमान के तट के निकट एक टैंकर हमले का शिकार हुआ, जबकि दूसरे जहाज के पास भी जोरदार विस्फोट दर्ज किया गया।
'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' के अनुसार शुक्रवार को ओमान के लीमा से 11 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र एक जहाज से टकराया, जिससे उसके इंजन कक्ष को नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा शनिवार को खसाब शहर से 21 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में नौकायन कर रहे एक अन्य टैंकर के पास बड़ा विस्फोट हुआ, जिसके बाद समुद्र में पानी का ऊंचा फव्वारा देखा गया। दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
होर्मुज में जहाजों पर हमलों का आरोप
समाचार के अनुसार, अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान अपनी अनुमति के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है। इस कारण क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
गाजा में भी जारी है तनाव
पश्चिम एशिया में तनाव केवल ईरान तक सीमित नहीं है। गाजा में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। समाचार के अनुसार, हमास के हथियार डालने पर सहमत होने की पुष्टि के बाद भी इजरायल की ओर से हमले जारी रहे।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार रात मध्य गाजा में हुए हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब हमास की ओर से हथियार छोड़ने की पुष्टि को गाजा संघर्ष समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था, हालांकि अब भी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं।
क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजर
अमेरिका की सुरक्षा सलाह, ईरान के साथ बढ़ता तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री घटनाएं, कुवैत में ड्रोन हमले और गाजा में जारी संघर्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति को एक बार फिर वैश्विक चिंता का विषय बना दिया है। विभिन्न देशों की सरकारें घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
