बिहार की राजनीति में महिला सशक्तिकरण और रोजगार को लेकर एक बार फिर बड़ा संदेश देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली दूसरी किस्त अगले महीने सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर जारी की जाएगी। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम को सरकार एक बड़े राजनीतिक और विकासात्मक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जिन महिलाओं को पहली किस्त का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें भी इस चरण में योजना से जोड़कर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे में लाखों महिलाओं की निगाहें अब अगले महीने होने वाले इस कार्यक्रम पर टिकी हैं।महिला रोजगार योजना दूसरी किस्त | फोटो: NBT

महिला रोजगार योजना दूसरी किस्त | फोटो: NBT

100 दिन पूरे होने पर होगा बड़ा आयोजन, दूसरी किस्त का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर में आयोजित पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने पर महिलाओं के खातों में दूसरी किस्त भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे की भी संभावना है। सरकार इस मौके को विकास और महिला सशक्तिकरण के बड़े संदेश के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार से जोड़ना भी है।

जीविका दीदियों से रोजगार तक, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं को जीविका समूहों से जोड़ने का काम किया गया है। अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जरिए इन महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अगला कदम उठाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल सहायता राशि की लाभार्थी न रहें, बल्कि अपने स्वयं के व्यवसाय और रोजगार के अवसर विकसित करें। दूसरी किस्त इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

जो महिलाएं छूट गई थीं, उन्हें भी मिलेगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार उन महिलाओं की भी पहचान कर रही है, जो किसी कारणवश पहली किस्त प्राप्त नहीं कर सकीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र महिलाओं को योजना से जोड़कर उनके खातों में भी सहायता राशि भेजी जाएगी। इस घोषणा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष लगातार दूसरी किस्त में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा था। अब सरकार ने स्पष्ट समयसीमा बताकर इन आरोपों का जवाब देने की कोशिश की है।

गौपालन से लेकर ग्रामीण उद्यम तक, महिलाओं के लिए नई आर्थिक योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला रोजगार योजना को केवल नकद सहायता तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार महिलाओं को गौपालन, दुग्ध उत्पादन, ग्रामीण विपणन, बिक्री केंद्रों और सहकारी संस्थाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। उनका कहना था कि यदि गांवों में महिलाओं को पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं रहेंगी। सरकार विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसर तैयार करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।