erer | Source: ereसर्दियों का मौसम शुरू होते ही बाजार में हरी पत्तेदार और रंग-बिरंगी सब्जियों की भरमार हो जाती है। इस मौसम में पालक, मेथी, बथुआ, गाजर, मटर, कद्दू और शकरकंद जैसी कई पौष्टिक सब्जियां आसानी से मिलती हैं। इनमें से कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकती हैं। खास बात यह है कि इनमें कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। जानी-मानी न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से सर्दियों में मिलने वाली पांच खास सब्जियों के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इन सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो शरीर की सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बाजार में हरी पत्तेदार और रंग-बिरंगी सब्जियों की भरमार हो जाती है। इस मौसम में पालक, मेथी, बथुआ, गाजर, मटर, कद्दू और शकरकंद जैसी कई पौष्टिक सब्जियां आसानी से मिलती हैं। इनमें से कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकती हैं। खास बात यह है कि इनमें कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। जानी-मानी न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से सर्दियों में मिलने वाली पांच खास सब्जियों के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इन सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो शरीर की सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

1. काली गाजर: एंथोसायनिन से भरपूर, शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार

सर्दियों में मिलने वाली काली गाजर सामान्य नारंगी गाजर से अलग होती है। इसका गहरा बैंगनी रंग इसमें मौजूद एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के कारण होता है। यह तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की स्थिति में शरीर में मुक्त कणों और एंटीऑक्सीडेंट के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। काली गाजर में मौजूद एंथोसायनिन में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार, सर्दियों में काली गाजर को सलाद, जूस या अन्य व्यंजनों के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है।

2. शकरकंद: बीटा कैरोटीन और फाइबर का शानदार स्रोत

How To Roast Sweet Potatoes Like A Pro (Even Without An Oven) - NDTV Food



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शकरकंद सर्दियों में मिलने वाला स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें बीटा कैरोटीन, फाइबर और विटामिन सी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। बीटा कैरोटीन शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो सकता है, जो आंखों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है। वहीं फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। शकरकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैव सक्रिय तत्व भी शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने इसे शाम के नाश्ते में शामिल करने की सलाह दी है। आप उबली हुई शकरकंद से स्वादिष्ट चाट बना सकते हैं। इसमें नींबू, हल्के मसाले और हरी धनिया मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है।

3. मोटी लाल मिर्च: कैप्साइसिन और विटामिन सी से भरपूर

Red Capsicums



सर्दियों में मिलने वाली मोटी लाल मिर्च भी पोषक तत्वों के लिहाज से काफी उपयोगी है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर सब्जी और अचार बनाने में किया जाता है। इसमें कैप्साइसिन नामक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है। इसके अलावा लाल मिर्च में कैरोटीनॉयड और विटामिन सी भी मौजूद होते हैं। कैप्साइसिन पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में इसके संभावित सूजनरोधी और अन्य जैविक प्रभावों पर चर्चा की गई है। वहीं विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कोलेजन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। लाल मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार, इन पोषक तत्वों के कारण मोटी लाल मिर्च को सर्दियों के भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अधिक तीखी मिर्च खाने से एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

4. कद्दू: बीटा कैरोटीन और कैरोटीनॉयड का अच्छा स्रोत

Green Pumpkins with Orange Flesh at Market



कद्दू सर्दियों में मिलने वाली पौष्टिक सब्जियों में शामिल है। इसका नारंगी रंग इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन के कारण होता है। शरीर बीटा कैरोटीन का उपयोग विटामिन ए बनाने के लिए करता है। यह पोषक तत्व आंखों, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है। कद्दू में ल्यूटिन, जेक्सैंथिन और अन्य कैरोटीनॉयड भी पाए जाते हैं। ये प्राकृतिक तत्व एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा के अनुसार, सर्दियों में कद्दू को सूप या सब्जी के रूप में भोजन में शामिल करना अच्छा विकल्प है। कद्दू का सूप हल्का और पौष्टिक होता है। इसे घर पर कम मसालों के साथ तैयार किया जा सकता है।

5. बथुआ का साग: क्लोरोफिल, फोलेट और विटामिन का खजाना

Most Powerful Winter Saag: सर्दियों में खाएं भारत के ये 10 ताकतवर साग - फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान



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सर्दियों में बथुआ का साग भी खूब पसंद किया जाता है। यह हरी पत्तेदार सब्जी कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसके हरे पत्तों में क्लोरोफिल के साथ विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट और विभिन्न प्रकार के पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर के सामान्य कामकाज और कोशिकाओं की सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं। फोलेट शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बथुआ में मौजूद पॉलीफेनोल्स एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट ने सप्ताह में तीन बार बथुआ का साग खाने की सलाह दी है। इसे दाल, रोटी या अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ खाया जा सकता है।

कैंसर से बचाव में इन सब्जियों की क्या है भूमिका?

इन पांचों सब्जियों में अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। वहीं कुछ प्राकृतिक यौगिकों में सूजनरोधी गुण भी पाए जाते हैं। लंबे समय तक शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन बने रहना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसी कारण पोषण विशेषज्ञ संतुलित आहार में रंग-बिरंगी सब्जियों और फलों को शामिल करने पर जोर देते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी एक सब्जी को खाने से कैंसर होने का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता। इन सब्जियों को कैंसर का इलाज भी नहीं माना जा सकता। कैंसर से बचाव के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से दूरी और स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण हैं।

सर्दियों की डाइट में कैसे शामिल करें ये पांचों सब्जियां?

इन सब्जियों का पूरा पोषण प्राप्त करने के लिए इन्हें अलग-अलग तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है। काली गाजर का सलाद या जूस, उबली हुई शकरकंद की चाट, मोटी लाल मिर्च की सब्जी, कद्दू का सूप और बथुआ का साग अच्छे विकल्प हो सकते हैं। सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और साफ-सफाई के साथ तैयार करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल करने से बचना भी बेहतर है। एक ही सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग रंगों और किस्मों की सब्जियां खाने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं।

निष्कर्ष: सर्दियों में स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ध्यान

सर्दियों में मिलने वाली काली गाजर, शकरकंद, मोटी लाल मिर्च, कद्दू और बथुआ स्वाद के साथ पोषण भी प्रदान करते हैं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और अन्य प्राकृतिक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा की सलाह के अनुसार, इन सब्जियों को नियमित और संतुलित खानपान का हिस्सा बनाना अच्छा विकल्प है। हालांकि, कैंसर से बचाव के लिए केवल इन सब्जियों पर निर्भर रहने के बजाय संपूर्ण स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।1. काली गाजर: एंथोसायनिन से भरपूर, शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार

सर्दियों में मिलने वाली काली गाजर सामान्य नारंगी गाजर से अलग होती है। इसका गहरा बैंगनी रंग इसमें मौजूद एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के कारण होता है। यह तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की स्थिति में शरीर में मुक्त कणों और एंटीऑक्सीडेंट के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। काली गाजर में मौजूद एंथोसायनिन में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार, सर्दियों में काली गाजर को सलाद, जूस या अन्य व्यंजनों के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है।

2. शकरकंद: बीटा कैरोटीन और फाइबर का शानदार स्रोत

शकरकंद सर्दियों में मिलने वाला स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें बीटा कैरोटीन, फाइबर और विटामिन सी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। बीटा कैरोटीन शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो सकता है, जो आंखों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है। वहीं फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। शकरकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैव सक्रिय तत्व भी शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने इसे शाम के नाश्ते में शामिल करने की सलाह दी है। आप उबली हुई शकरकंद से स्वादिष्ट चाट बना सकते हैं। इसमें नींबू, हल्के मसाले और हरी धनिया मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है।

3. मोटी लाल मिर्च: कैप्साइसिन और विटामिन सी से भरपूर

सर्दियों में मिलने वाली मोटी लाल मिर्च भी पोषक तत्वों के लिहाज से काफी उपयोगी है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर सब्जी और अचार बनाने में किया जाता है। इसमें कैप्साइसिन नामक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है। इसके अलावा लाल मिर्च में कैरोटीनॉयड और विटामिन सी भी मौजूद होते हैं। कैप्साइसिन पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में इसके संभावित सूजनरोधी और अन्य जैविक प्रभावों पर चर्चा की गई है। वहीं विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कोलेजन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। लाल मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार, इन पोषक तत्वों के कारण मोटी लाल मिर्च को सर्दियों के भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अधिक तीखी मिर्च खाने से एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

4. कद्दू: बीटा कैरोटीन और कैरोटीनॉयड का अच्छा स्रोत

कद्दू सर्दियों में मिलने वाली पौष्टिक सब्जियों में शामिल है। इसका नारंगी रंग इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन के कारण होता है। शरीर बीटा कैरोटीन का उपयोग विटामिन ए बनाने के लिए करता है। यह पोषक तत्व आंखों, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है। कद्दू में ल्यूटिन, जेक्सैंथिन और अन्य कैरोटीनॉयड भी पाए जाते हैं। ये प्राकृतिक तत्व एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा के अनुसार, सर्दियों में कद्दू को सूप या सब्जी के रूप में भोजन में शामिल करना अच्छा विकल्प है। कद्दू का सूप हल्का और पौष्टिक होता है। इसे घर पर कम मसालों के साथ तैयार किया जा सकता है।

5. बथुआ का साग: क्लोरोफिल, फोलेट और विटामिन का खजाना

सर्दियों में बथुआ का साग भी खूब पसंद किया जाता है। यह हरी पत्तेदार सब्जी कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसके हरे पत्तों में क्लोरोफिल के साथ विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट और विभिन्न प्रकार के पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर के सामान्य कामकाज और कोशिकाओं की सुरक्षा के लिए उपयोगी हैं। फोलेट शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बथुआ में मौजूद पॉलीफेनोल्स एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट ने सप्ताह में तीन बार बथुआ का साग खाने की सलाह दी है। इसे दाल, रोटी या अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ खाया जा सकता है।

कैंसर से बचाव में इन सब्जियों की क्या है भूमिका?

इन पांचों सब्जियों में अलग-अलग प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। वहीं कुछ प्राकृतिक यौगिकों में सूजनरोधी गुण भी पाए जाते हैं। लंबे समय तक शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन बने रहना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसी कारण पोषण विशेषज्ञ संतुलित आहार में रंग-बिरंगी सब्जियों और फलों को शामिल करने पर जोर देते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी एक सब्जी को खाने से कैंसर होने का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता। इन सब्जियों को कैंसर का इलाज भी नहीं माना जा सकता। कैंसर से बचाव के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू से दूरी और स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण हैं।

सर्दियों की डाइट में कैसे शामिल करें ये पांचों सब्जियां?

इन सब्जियों का पूरा पोषण प्राप्त करने के लिए इन्हें अलग-अलग तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है। काली गाजर का सलाद या जूस, उबली हुई शकरकंद की चाट, मोटी लाल मिर्च की सब्जी, कद्दू का सूप और बथुआ का साग अच्छे विकल्प हो सकते हैं। सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और साफ-सफाई के साथ तैयार करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल करने से बचना भी बेहतर है। एक ही सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग रंगों और किस्मों की सब्जियां खाने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं।

सर्दियों में स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ध्यान

सर्दियों में मिलने वाली काली गाजर, शकरकंद, मोटी लाल मिर्च, कद्दू और बथुआ स्वाद के साथ पोषण भी प्रदान करते हैं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और अन्य प्राकृतिक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा की सलाह के अनुसार, इन सब्जियों को नियमित और संतुलित खानपान का हिस्सा बनाना अच्छा विकल्प है। हालांकि, कैंसर से बचाव के लिए केवल इन सब्जियों पर निर्भर रहने के बजाय संपूर्ण स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।