नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले पुलिस की सख्ती और हिरासत की कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया पर चर्चा में आए रिंकू यादव ने अपने दावे से सबका ध्यान खींचा है। सीजेपी के खिलाफ पहलवानों और जिम जाने वाले युवाओं को लाठी लेकर दिल्ली पहुंचने की अपील करने वाले रिंकू यादव ने दावा किया कि वह पुलिस की निगरानी और बैरिकेडिंग के बावजूद जंतर-मंतर के नजदीक पहुंच गया। उसने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि वह अपने वादे के मुताबिक वहां पहुंचा है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी के कारण किसी को प्रदर्शन स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं मिल रही थी।
सीजेपी के बड़े नेताओं की हिरासत के बीच रिंकू यादव का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका सहित पार्टी के कई प्रमुख नेताओं तथा सैकड़ों समर्थकों को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिशें प्रभावित हुईं। इस बीच रिंकू यादव ने दावा किया कि उसने जंतर-मंतर पहुंचने की अपनी घोषणा पूरी की है। हालांकि, उसके वहां पहुंचने और पुलिस की कार्रवाई से संबंधित दावे उसके सोशल मीडिया वीडियो पर आधारित हैं। रिंकू यादव पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अपने वीडियो के कारण चर्चा में है। वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के पहलवानों तथा जिम जाने वाले युवाओं से लाठी लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील कर रहा था। उसने गुरुग्राम में लोगों को एकत्रित होकर अपने साथ चलने का भी आह्वान किया था। इस अपील के बाद सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी।
पुलिस की चेतावनी के बावजूद जंतर-मंतर पहुंचने की बात क्यों कही?
रिंकू यादव ने अपने वीडियो में दावा किया कि पुलिस ने शुक्रवार को उसके घर पहुंचकर उसे जंतर-मंतर नहीं जाने के लिए कहा था। इसके बावजूद उसने शनिवार को वहां पहुंचने की कोशिश की। उसका कहना है कि वह अकेले ही दिल्ली आया, ताकि उसके साथ आने वाले दूसरे लोगों को हिरासत में लिए जाने की आशंका से बचाया जा सके। रिंकू ने गुरुग्राम के एंबियंस मॉल पर समर्थकों के एकत्रित होने की योजना रद्द करने की बात भी कही। उसके मुताबिक, यदि बड़ी संख्या में लोग एक जगह जुटते तो अन्य लोगों को भी पुलिस हिरासत में ले सकती थी। इसी वजह से उसने अकेले पहुंचने का फैसला किया। हालांकि, इन परिस्थितियों को लेकर रिंकू ने जो बातें कही हैं, वे उसके अपने दावे हैं।
वीडियो में दिखाई बैरिकेडिंग, कहा- किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा
शनिवार को फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए रिंकू यादव ने कहा, 'वादे के मुताबिक जंतर-मंतर आ गया हूं। लेकिन बैरिकेडिंग देख लो। पुलिसवाले खड़े हैं। किसी को एंट्री नहीं है। कोई प्रदर्शन कर रहा, नहीं कर रहा। हमने कुछ नहीं देखा। लेकिन पुलिसवाले किसी को जाने नहीं दे रहे हैं।' उसने आगे कहा कि वह अकेले आया है और एंबियंस मॉल पर लोगों के एकत्रित होने का कार्यक्रम इसलिए रद्द किया गया, ताकि कोई और गिरफ्तार न हो। रिंकू के मुताबिक, पुलिस ने उसे पहले ही जंतर-मंतर नहीं जाने के लिए कह दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह वहां पहुंचने में सफल रहा। उसने वीडियो में कहा, 'मुझे पुलिस ने कह दिया था कि तू नहीं जाएगा। लेकिन फिर भी बच-बाचकर आ गया, कि एक बार जाऊंगा जरूर। मैंने पब्लिक को कहा था कि जंतर-मंतर जाऊंगा तो जाऊंगा। यहां उतरते ही पुलिसवाले पकड़ लेंगे, क्योंकि उन्हें निर्देश मिले हुए हैं। मुझे कल कहा था कि तू नहीं जाएगा। फिर भी मैं छुप-छुपाकर पहुंच गया। बात यहां आने की थी।'
'लठ पहले भी तैयार था, अब भी तैयार है', रिंकू यादव का सख्त संदेश
जंतर-मंतर पहुंचने का दावा करने के साथ रिंकू यादव ने अपने रुख को भी स्पष्ट किया। उसने कहा कि उसे किसी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन यदि कोई दिल्ली में अशांति फैलाने या अराजकता पैदा करने की कोशिश करेगा तो वह उसके विरोध के लिए तैयार है। रिंकू ने कहा, 'प्रदर्शन कोई कर रहा हो तो करते रहो, हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन दिल्ली में अशांति फैलाई, संसद पर हमला किया, कोई भी अराजकता फैली तो लठ पहले भी तैयार था, लठ अब भी तैयार है। इतना ही उद्देश्य है। इससे ज्यादा कुछ सोचते नहीं।' उसके इस बयान में एक ओर प्रदर्शन करने वालों के प्रति आपत्ति नहीं होने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर अशांति फैलने की स्थिति में लाठी लेकर तैयार रहने का संदेश भी दिया गया। हालांकि, किसी संभावित घटना या हिंसा की पुष्टि नहीं हुई है। रिंकू ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह आगे की जानकारी साझा करता रहेगा।
साढ़े चार लाख से अधिक अनुयायियों वाला सोशल मीडिया चेहरा
रिंकू यादव सोशल मीडिया पर सक्रिय प्रभावशाली व्यक्ति है और उसके साढ़े चार लाख से अधिक अनुयायी बताए जाते हैं। बीते कुछ दिनों में उसके कई वीडियो चर्चा में रहे हैं। इन वीडियो में वह पहलवानों और जिम जाने वाले युवाओं से सीजेपी के प्रदर्शन के विरोध में जंतर-मंतर चलने की अपील करता दिखाई दिया। उसकी लाठी लेकर पहुंचने की घोषणा ने इस पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर अतिरिक्त चर्चा दिलाई। रिंकू यादव का असली नाम कुमुद राव बताया गया है। सीजेपी के खिलाफ उसके अभियान और जंतर-मंतर पहुंचने के दावे ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में एक नया पहलू जोड़ दिया है। जहां एक तरफ पार्टी के प्रमुख नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई, वहीं दूसरी तरफ रिंकू ने अकेले पहुंचने का दावा कर अपना पक्ष सार्वजनिक किया।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन को लेकर बढ़ी चर्चा
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले हुई पुलिस कार्रवाई और रिंकू यादव के वीडियो ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। रिंकू के मुताबिक, जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी और पुलिस लोगों को आगे बढ़ने से रोक रही थी। उसने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह फिर सामने आएगा। वीडियो के अंत में रिंकू यादव ने कहा, 'आगे के अपडेट देता रहूंगा। तैयार बैठा हूं और यहीं बैठा हूं। जब जरूरत पड़ेगी फिर हाजिर हो जाएंगे। अपने साथ पूरी टीम है।' इस बयान के जरिए उसने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे पर आगे भी अपनी गतिविधियों की जानकारी साझा करता रहेगा।
