पटना: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना के बीच सियासी माहौल गर्म हो गया है। शुरुआती रुझानों से लेकर 12वें राउंड तक जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है, क्योंकि वर्षों से पार्टी का इस सीट पर दबदबा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा नितिन नवीन की सीट बचा पाएगी या प्रशांत किशोर अपनी पहली चुनावी परीक्षा में बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर देंगे।
12 राउंड तक लगातार बढ़त, लगभग 8,000 वोटों से आगे प्रशांत किशोर
मतगणना सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई और पहले ही राउंड से प्रशांत किशोर ने बढ़त बना ली। 12वें राउंड की मतगणना पूरी होने तक वह लगातार हर चरण में भाजपा उम्मीदवार से आगे रहे। उपलब्ध रुझानों के मुताबिक, 12वें राउंड के बाद प्रशांत किशोर लगभग 8,000 वोटों की बढ़त बनाए हुए थे। लगातार मिल रही इस बढ़त ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। हालांकि अंतिम नतीजे आने तक वोटों का अंतर बदल सकता है।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई, प्रशांत किशोर की पहली बड़ी परीक्षा
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में इस उपचुनाव को सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा की साख और जन सुराज की राजनीतिक ताकत की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। यदि प्रशांत किशोर इस सीट पर जीत दर्ज करते हैं तो यह उनकी पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जाएगी, वहीं भाजपा के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।
पूरे बिहार की नजरें अंतिम नतीजों पर
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव प्रचार से लेकर मतदान और अब मतगणना तक यह सीट लगातार चर्चा में बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव का असर आने वाले विधानसभा चुनावों की राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मतगणना जारी है और सभी की नजरें अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि बांकीपुर में भाजपा अपना गढ़ बचा पाएगी या प्रशांत किशोर नया राजनीतिक इतिहास रचेंगे।
