आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के बयानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधाc है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने दावा किया कि उनके बयान एक-दूसरे के उलट हैं, जिससे जनता में भ्रम पैदा हो रहा है।
अपने पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि एक तरफ RSS प्रमुख मोहन भागवत हिंदुओं से ज़्यादा बच्चे पैदा करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की नई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (लक्ष्मी योजना) के तहत तीन से ज़्यादा बच्चे वाले परिवारों को लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि औसत हिंदू परिवार अब उलझन में है कि वे किस सलाह को मानें। केजरीवाल ने रेखा गुप्ता और मोहन भागवत के साथ बैठक करने और इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की भी मांग की।
दरअसल, दिल्ली सरकार की 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए, परिवार की आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए, वह कम से कम 10 साल से दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसके तीन या उससे कम बच्चे होने चाहिए। इन शर्तों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
दूसरी ओर, हाल ही में एक भाषण में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या संतुलन और घटती जन्म दर का हवाला देते हुए हिंदुओं को कम से कम तीन या उससे ज़्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए समाज को इस दृष्टिकोण पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस मुद्दे को आधार बनाकर अरविंद केजरीवाल ने BJP और RSS पर निशाना साधा है। उनके बयान से राजनीतिक बहस छिड़ गई है। हालांकि, केजरीवाल की टिप्पणी पर दिल्ली सरकार या RSS की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।
