गर्मी का मौसम आते ही आम की मिठास लोगों को अपनी ओर खींचने लगती है। चाहे दोपहर के खाने के साथ कटे हुए आम हों या रात में ठंडे आम का बाउल, यह फल स्वाद के साथ कई यादें भी लेकर आता है। लेकिन डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए आम का मौसम अक्सर एक सवाल भी लेकर आता है—क्या आम खाना सुरक्षित है या इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है? आइए जानते हैं कि इस बारे में एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।
क्या डायबिटीज के मरीजों के लिए आम खाना सुरक्षित है?
सच यह है कि आम को लेकर जितना डर फैलाया जाता है, हकीकत उससे कहीं ज्यादा संतुलित है। आम में प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि डायबिटीज के मरीज इसे बिल्कुल नहीं खा सकते। विशेषज्ञों का कहना है कि आम खाने से ज्यादा जरूरी यह समझना है कि उसे कितनी मात्रा में, किस समय और किन चीजों के साथ खाया जा रहा है।
डॉ. ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति ने TOI को बताया कि डायबिटीज के मरीजों को आम से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि सही मात्रा और सही तरीके से खाया गया आम संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।
क्या मीठा आम नुकसानदायक होता है?
आम मीठा जरूर होता है, लेकिन केवल मिठास यह तय नहीं करती कि कोई खाद्य पदार्थ नुकसानदायक है या नहीं। पके हुए आम में फाइबर, विटामिन A, विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर उतनी तेजी से नहीं बढ़ता, जितना मीठे ड्रिंक्स या डेजर्ट खाने के बाद बढ़ सकता है। रिसर्च भी बताती है कि कार्बोहाइड्रेट का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस स्रोत से आ रहा है और उसमें फाइबर की मात्रा कितनी है।
आम खाते समय कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए?
हालांकि समस्या तब शुरू होती है जब आम को गलत तरीके से खाया जाता है। खाली पेट आम का जूस, शेक या मीठे डेजर्ट ब्लड शुगर में तेजी से उछाल ला सकते हैं।
डॉ. कृष्णमूर्ति सलाह देती हैं कि आम के टुकड़ों को प्रोटीन या हेल्दी फैट वाली चीजों जैसे बादाम, बीज, ग्रीक योगर्ट या पनीर के साथ खाना बेहतर रहता है। इससे पाचन की गति धीमी होती है और ब्लड शुगर अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
आम खाने का सही समय क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिन के समय आम खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है, क्योंकि उस समय शरीर अधिक सक्रिय होता है और इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करता है। देर रात आम खाने से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
इसलिए आम को सीमित मात्रा में, दिन के समय और संतुलित भोजन के साथ खाना बेहतर विकल्प माना जाता है। साथ ही इसे मीठे डेजर्ट या पैकेज्ड ड्रिंक्स के साथ लेने से बचना चाहिए।
डायबिटीज के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मात्रा पर नियंत्रण सबसे जरूरी है। अधिकांश डायबिटीज मरीज कभी-कभार आधा से एक कप आम आराम से खा सकते हैं, हालांकि यह उनकी दवाओं, ब्लड शुगर कंट्रोल और जीवनशैली पर भी निर्भर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डर की बजाय जागरूकता जरूरी है। किसी पसंदीदा मौसमी फल को पूरी तरह छोड़ देने के बजाय, उसे संतुलित मात्रा में और सही तरीके से खाना अधिक बेहतर विकल्प हो सकता है।
Disclaimer
यह लेख सामान्य जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। डायबिटीज से संबंधित किसी भी प्रकार के आहार या उपचार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर, डायटीशियन या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी सलाह को व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श का विकल्प न मानें।
