बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत तो मिली है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और ठनका का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के कई जिलों के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में झमाझम बारिश के साथ 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि तेज हवा और बिजली गिरने की घटनाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं कि आज किन जिलों में बारिश और आंधी-ठनका का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है और मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है।

किन जिलों में ज्यादा खतरा?

IMD और विभिन्न मौसम रिपोर्टों के मुताबिक पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, सारण, गोपालगंज, गया, सिवान, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, नवादा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

आंधी-ठनका को लेकर विशेष अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार में 30 मई से 1 जून तक मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कई जिलों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

पटना समेत कई जिलों में बारिश

रिपोर्ट्स के अनुसार पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम में अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और खुले मैदानों में जाने से बचें। आकाशीय बिजली चमकने या गरज-चमक होने की स्थिति में पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं के नीचे खड़े न हों। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे अलर्ट व दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। IMD के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे बिहार के कई हिस्सों के लिए संवेदनशील रह सकते हैं, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।