देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। एक तरफ केंद्र सरकार और National Testing Agency (NTA) आगामी री-टेस्ट की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार के मुताबिक पीएम मोदी खुद NEET मामले की निगरानी कर रहे थे, तो फिर पेपर लीक की जिम्मेदारी से उन्हें अलग कैसे माना जा सकता है।
दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं NEET-UG पेपर लीक मामले और री-एग्जाम की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि 21 जून को होने वाले री-टेस्ट के लिए सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि दोबारा किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
इसी बयान को आधार बनाते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे, तो फिर यह सवाल भी उठता है कि पेपर लीक जैसी बड़ी चूक आखिर हुई कैसे। राहुल गांधी ने इसे परीक्षा प्रणाली की विफलता बताते हुए आरोप लगाया कि देश में NEET, CBSE, SSC और अब CUET जैसी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में आ रही है।
वहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। अदालत को बताया गया कि री-टेस्ट के लिए नई निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा प्रोटोकॉल और परीक्षा संचालन में कई सुधार किए जा रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा कि NEET परीक्षा प्रणाली को भविष्य में और मजबूत बनाने के लिए संस्थागत सुधारों पर काम चल रहा है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी NEET पेपर लीक को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं सिर्फ छात्रों ही नहीं बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद पीड़ादायक होती हैं और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
