Kदिल्ली में खगड़िया (बिहार) के युवक पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या ने पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। घटना पर नेताओं की बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने विवाद और बढ़ा दिया है। अब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है और विपक्ष इसे असंवेदनशील करार दे रहा है।


मीडिया ने जब मांझी से दिल्ली में बिहारी युवक की हत्या पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा इसमें कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। कोई ऐसे ही जानबूझकर किसी को नहीं मार देता। इसकी जांच होगी। अगर किसी निर्दोष को मारा गया है तो दोषियों को सजा मिलेगी।उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, और कई नेताओं ने इसे बेहद कठोर और संवेदनहीन बताया है।


तेजस्वी यादव ने इस घटना पर कहा था कि भाजपा शासित राज्यों में बिहारी होना शाप बन गया है।इसके जवाब में मांझी ने पलटवार किया तेजस्वी पहले अपने पिता के 2005 से पहले के राज का बिहार देखें। आज तो बिहारी कहलाना शान की बात है।यह बयान बिहार के बिहटा में दिया गया, जहां मांझी एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।


पांडव कुमार मूल रूप से खगड़िया का रहने वाला था।दिल्ली में वह फूड डिलीवरी बॉय का काम करता था।उसकी हत्या के आरोप में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नीरज बलहारा को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया गया है।


यह मामला इसलिए अधिक संवेदनशील बन गया है क्योंकि एक युवा मजदूर की बेरहमी से हत्या हुई,आरोपी पुलिसकर्मी है,और अब एक केंद्रीय मंत्री का बयान राजनीतिक विवाद को और भड़का रहा है।विपक्ष का कहना है कि मांझी को सहानुभूति और संवेदना दिखानी चाहिए थी, जबकि मांझी का पक्ष है कि सच्चाई जांच के बाद ही सा

मने आएगी।