दय्यान खान

बिहार में संगठन को धार देने की कवायद के बीच जनसुराज पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए अबू अफ़्फ़ान फारूक़ी को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की यह नियुक्ति ऐसे समय में सामने आई है, जब वह राज्य में अपने जनाधार को मजबूत करने और विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

अबू अफ़्फ़ान फारूक़ी छात्र राजनीति से ही सक्रिय रहे हैं और उनकी पहचान एक मुखर व जमीनी नेता के रूप में रही है। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रह चुके हैं, जहां उन्होंने छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विश्वविद्यालय राजनीति में उनकी सक्रियता ने उन्हें युवाओं के बीच एक मजबूत चेहरा बनाया।

पेशे से अधिवक्ता फारूक़ी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और कानूनी मामलों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके अनुभव और सामाजिक सरोकारों को देखते हुए ही उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनीतिक रूप से भी फारूक़ी सक्रिय रहे हैं और कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित किया।

फारूक़ी को जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का करीबी माना जाता है और वे लंबे समय से उनके साथ जुड़े हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से पार्टी को अल्पसंख्यक समुदाय में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है, साथ ही उनकी युवा छवि संगठन को नई दिशा देने में सहायक हो सकती है।