सुबह बिस्तर से उठते ही एड़ी में तेज दर्द, कुछ कदम चलते ही तलवों में चुभन या थोड़ी देर खड़े रहने पर पैरों में असहनीय तकलीफ इन समस्याओं को अक्सर लोग मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बार-बार होने वाला एड़ी का दर्द सिर्फ थकान का संकेत नहीं, बल्कि शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा भी हो सकता है। अगर दर्द लगातार बना रहता है, चलने-फिरने में दिक्कत होने लगे या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो इसे हल्के में लेने के बजाय इसकी असली वजह जानना बेहद जरूरी है। समय पर पहचान और सही इलाज से इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
एड़ी में दर्द क्यों होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार एड़ी के दर्द के पीछे सिर्फ एक कारण जिम्मेदार नहीं होता। लंबे समय तक खड़े रहना, लगातार चलना, सही सपोर्ट न देने वाले जूते या चप्पल पहनना, बढ़ता वजन, पैरों की मांसपेशियों में कमजोरी और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। कई बार ये छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे एड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिससे दर्द और सूजन की परेशानी शुरू हो जाती है।
इन संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें
- सुबह बिस्तर से उठते ही एड़ी में तेज या चुभने वाला दर्द महसूस होना
- कुछ देर चलने, खड़े रहने या काम करने के बाद दर्द का बढ़ जाना
- तलवों में जलन, चुभन या खिंचाव जैसा एहसास होना
- सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी या दर्द महसूस होना
लंबे समय तक खड़े रहने के बाद पैरों में अकड़न और भारीपन महसूस होना
यदि ये समस्याएं लगातार बनी रहें या समय के साथ बढ़ने लगें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर सही कारण का पता चल जाए तो इलाज आसान हो सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से भी बचा जा सकता है।
दर्द से राहत पाने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनना, नियमित स्ट्रेचिंग करना, वजन नियंत्रित रखना और पैरों को पर्याप्त आराम देना काफी मददगार हो सकता है। कुछ मामलों में फिजियोथेरेपी, दवाइयों या अन्य मेडिकल उपचार की भी जरूरत पड़ सकती है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही हो, सूजन दिखाई दे रही हो या दर्द के साथ सुन्नपन महसूस हो रहा हो, तो इसे सामान्य समस्या मानकर टालना नहीं चाहिए। समय पर जांच और इलाज से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
