नवीदुल हसन
अमेरिका में भीषण बर्फ़ीला तूफ़ान: 25 लोगों की मौत, लाखों लोग ठंड में बेहाल
अमेरिका में आए भीषण बर्फ़ीले तूफ़ान ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि लाखों लोग कड़ाके की ठंड में बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं।
सोमवार को अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों में लगातार बर्फ़ गिरती रही। अर्कांसस से लेकर न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2,100 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में एक फुट से ज़्यादा बर्फ़ जम गई। इसकी वजह से सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, हज़ारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए।
राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, पिट्सबर्ग के उत्तर वाले इलाकों में करीब 20 इंच तक बर्फ़बारी दर्ज की गई। तेज़ हवाओं के साथ ठंड इतनी ज़्यादा बढ़ गई कि कुछ जगहों पर तापमान माइनस 31 डिग्री सेल्सियस तक महसूस किया गया।
इस बर्फ़ीले तूफ़ान के चलते कई दर्दनाक हादसे भी सामने आए। मैसाचुसेट्स और ओहायो में बर्फ़ हटाने वाली मशीनों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। अर्कांसस और टेक्सास में स्लेजिंग के दौरान हुए हादसों में दो किशोरों की जान चली गई। कंसास में एक महिला का शव बर्फ़ में ढका मिला, जबकि न्यूयॉर्क सिटी में अधिकारियों ने बताया कि ठंड के दौरान आठ लोग बाहर मृत पाए गए।
दक्षिणी राज्यों में हालात और भी खराब रहे। सप्ताहांत में हुई फ्रीज़िंग बारिश के कारण पेड़ों की टहनियां और बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे उत्तरी मिसिसिपी और टेनेसी के बड़े हिस्सों में लंबे समय तक बिजली बाधित रही। कई परिवार अंधेरे और ठंडे घरों में रात गुज़ारने को मजबूर हुए।
मिसिसिपी के कुछ इलाकों में इसे 1994 के बाद की सबसे भीषण आइस स्टॉर्म बताया जा रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज़ करते हुए वार्मिंग सेंटर खोले, जहां लोगों के लिए कंबल, पानी और जनरेटर की व्यवस्था की गई। टेक्सास समेत कई राज्यों में सड़कों से बर्फ़ और जमी हुई बर्फ़ हटाने का काम लगातार जारी है।
