उफ़क साहिल

भारत और रूस के बीच तेल खरीद को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा खरीद में बदलाव कर सकता है। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि भारत अपने तेल आयात के स्रोतों में संतुलन बना सकता है।

क्या रूस से तेल खरीद रुकेगी

अमेरिकी प्रतिनिधि ने यह साफ नहीं कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद कर दी है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ रहा है और भविष्य में दोनों देश साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीद पूरी तरह बंद नहीं करेगा, लेकिन दूसरे देशों से भी ज्यादा तेल खरीद सकता है।

भारत की प्राथमिकता क्या है

भारत सस्ता तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करना चाहता है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने रियायती दरों पर तेल दिया, जिससे भारत को फायदा हुआ। भारत का कहना है कि वह अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले लेता है।

आगे क्या हो सकता है

अमेरिका भारत को एलएनजी और अन्य ऊर्जा उत्पाद बेचने में रुचि दिखा रहा है। अगर दोनों देशों के बीच नई ऊर्जा डील होती है, तो इससे उनके व्यापारिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।

फिलहाल रूस से तेल खरीद पर पूरी तरह रोक की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।