नवीदुल हसन
अमेरिका बोला: भारत सबसे अहम साझेदार, ट्रंप अगले साल कर सकते हैं भारत दौरा
अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे जरूरी और अहम साझेदार बताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में बोलते हुए गोर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्ते सिर्फ साझा हितों पर नहीं, बल्कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के मजबूत संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती “वास्तविक” है। गोर के अनुसार, सच्चे दोस्त आपस में मतभेद रख सकते हैं, लेकिन अंत में उन्हें सुलझा भी लेते हैं।
अपने संबोधन में गोर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र। दोनों देशों के बीच यह साझेदारी बेहद खास है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत फिर से शुरू होने जा रही है, जिसकी अगली बैठक 12 जनवरी से होगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि भारत जैसे बड़े देश के साथ व्यापार समझौता करना आसान नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में यह सहयोग और भी मजबूत होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर बात करते हुए गोर ने कहा कि ट्रंप अपने पिछले भारत दौरे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी दोस्ती को आज भी याद करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही भारत आएंगे, संभव है कि अगले एक या दो साल में यह दौरा हो।
इसके अलावा सर्जियो गोर ने एक और अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत को “पैक्स सिलिका अलायंस” का पूर्ण सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है, जिसका मकसद सुरक्षित, मजबूत और नवाचार आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन तैयार करना है। इस गठबंधन में शामिल होने से भारत को तकनीक और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में बड़ी भूमिका मिलेगी।
अंत में गोर ने दोहराया कि उनके राजदूत बनने का मकसद भारत और अमेरिका की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों और वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध और ज्यादा मजबूत होंगे और दोनों देश सच्चे रणनीतिक साझेदार के रूप में साथ आगे बढ़ेंगे।
