IPL: वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने उन्हें एक नया प्रशंसक दिला दिया है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने 15 वर्षीय इस सनसनीखेज खिलाड़ी की निडर बल्लेबाज़ी की खुलकर तारीफ की है।

राजस्थान रॉयल्स के इस युवा प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा रखा है। उन्होंने आईपीएल में अपना दूसरा शतक जड़ा—सिर्फ 37 गेंदों पर 103 रन की तूफानी पारी खेली, हालांकि यह पारी सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार के बीच आई, जिसकी कप्तानी पैट कमिंस कर रहे थे।


शनिवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद की पांच विकेट से जीत के बाद कमिंस ने कहा, “हाँ, मुझे लगता है वह अब मेरा नया पसंदीदा खिलाड़ी है। वह गेंद को बहुत जोर से मारता है, उसे खेलते देखना शानदार लगता है। उसे खेलते देखना मजेदार है।”


कमिंस वैभव के करियर की शुरुआत से भी बेहद प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा, “एक गेंदबाज़ के तौर पर आपको बिल्कुल सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाज़ी करनी होगी, क्योंकि अगर आप जरा भी चूके, तो गेंद बहुत दूर जाएगी। वह बेहद प्रभावशाली खिलाड़ी है। उसने अपने करियर की शानदार शुरुआत की है और मुझे उसका खेलने का अंदाज़ बहुत पसंद है।”


जहाँ इन दिनों सपाट पिचों को लेकर बहस तेज है और बल्लेबाज़ तेज़ गेंदबाज़ों तथा स्पिनरों के खिलाफ खुलकर रन बना रहे हैं, वहीं कमिंस का मानना है कि टी20 में ऐसी पिचें ठीक हैं, बशर्ते टेस्ट क्रिकेट में ऐसा न हो।


उन्होंने कहा, “देखिए, शायद ऐसा है। लेकिन यही खेल का तरीका है। पिचें सपाट हो सकती हैं, लेकिन यह सिर्फ 20 ओवर का खेल है। यह टेस्ट मैच नहीं है जहाँ पाँच दिन तक बल्लेबाज़ी होती रहे, इसलिए मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। एक गेंदबाज़ को अधिकतम चार ओवर ही फेंकने होते हैं, इसलिए यह ठीक है। जैसा है, वैसा है।” कमिंस का मानना है कि इस तरह की पिचें गेंदबाज़ों की गुणवत्ता की असली परीक्षा लेती हैं और ऐसे टूर्नामेंट में टीम के पास पाँच बेहतरीन गेंदबाज़ होने चाहिए।


उन्होंने कहा, “हमने अपनी टीम इस तरह तैयार की है कि बल्लेबाज़ी में बड़ा स्कोर बनाया जा सके, और गेंदबाज़ों के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम रन सीमित करें। स्कोर भले कुछ साल पहले से अलग दिख रहे हों, लेकिन खेल की मूल अवधारणा वही है। मुझे इससे परेशानी नहीं है। दोनों टीमों के लिए हालात समान हैं। लेकिन मेरा मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में आपके पास पाँच बहुत अच्छे गेंदबाज़ होने जरूरी हैं।